रीवा:मंडी बोर्ड तथा कृषि विभाग द्वारा माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के सभागार में कृषि अवसंरचना मद की एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया.कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए रीवा संभाग के कमिश्नर बस जामोद ने कहा कि बाणसागर बांध का निर्माण पूरा होने के बाद पूरे विंध्य क्षेत्र में कृषि का तेजी से विकास हुआ है. इसके साथ ही कृषि पर आधारित उद्योगों का भी तेजी से विकास हो रहा है.
कृषि अवसंरचना मद इसमें किसानों और उद्यमियों को पूरा सहयोग देता है. रीवा संभाग में इस योजना से गत वर्ष 58 करोड़ के लक्ष्य के विरुद्ध 155 करोड़ रुपए का लक्ष्य प्राप्त किया गया. इस वर्ष शासन ने रीवा संभाग को 218 करोड़ रुपए का लक्ष्य निर्धारित किया है. सबके सहयोग से इस लक्ष्य को भी हम प्राप्त करेंगे. इस पर आधारित उद्यम स्थापित करने वाले तथा एफपीओ कृषि अवसंरचना मद में रीवा संभाग को प्रदेश में सर्वाधिक लाभ लेने वाला संभाग बनाएं.
सबके प्रयासों से हम इस लक्ष्य को अवश्य प्राप्त करेंगे. कमिश्नर ने कहा कि बैंकर्स कृषि अवसंरचना मद के प्रोजेक्ट में सकारात्मक दृष्टिकोण से ऋण और अनुदान मंजूर करें. जिन हितग्राहियों को इस मद की जानकारी नहीं है उन्हें भी इसमें पंजीयन कराकर कृषि अवसंरचना मद का लाभ दें. आज की कार्यशाला में संभाग के सभी जिलों के जो प्रतिनिधि शामिल हुए हैं वह सब इस योजना के अग्रदूत के रूप में अपने जिले में काम करें. इस योजना का स्वयं लाभ लेने के साथ-साथ दूसरों को भी कृषि अवसंरचना मद का लाभ लेने के लिए प्रेरित करें.
कार्यशाला के उद्देश्यों की जानकारी देते हुए उप संचालक मंडी बोर्ड पूजा सिंह ने कहा कि कृषि अवसंरचना मद में मध्यप्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है. गत वर्ष प्रदेश को 7440 करोड़ रुपय का लक्ष्य देश को मिला था. हमें इससे अधिक उपलब्धि हासिल हुई. इस वर्ष 11940 करोड़ रूपए का लक्ष्य मिला है. इसी योजना के तहत 2 करोड़ रुपए तक की लागत के उद्योग लगाने पर ब्याज में तीन प्रतिशत अनुदान का लाभ दिया जाता है. कार्यशाला में जिला महाप्रबंधक उद्योग जेपी तिवारी ने विभागीय योजनाओं तथा लघु उद्योगों की स्थापना के संबंध में विस्तार से जानकारी दी. कार्यशाला में कृषि अवसंरचना मद योजना में पंजीयन की प्रक्रिया का विस्तार से जानकारी दी गई.
