इंदौर: जीएसआईटीएस कॉलेज में बीई की पढ़ाई कर रहे 20 वर्षीय छात्र अमन वर्मा ने बुधवार को अपने हॉस्टल कमरे में फांसी लगाकर जीवन समाप्त कर लिया, छात्र सुबह से ही कमरे से बाहर नहीं निकला. दोपहर में उसके रूममेट ने कई बार दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली. शाम तक कोई हलचल न होने पर अन्य छात्रों की मदद से दरवाजा तोड़ा गया, जहां अमन का शव फंदे पर लटका मिला.
तुकोगंज थाना प्रभारी जितेन्द्र सिंह यादव ने बताया कि मृतक अमन वर्मा वल्लभ नगर स्थित श्रीजी हॉस्टल में रह रहे थे. वह मूल रूप से अनूपपुर जिले के निवासी थे और इंदौर में उनके मामा आलोक वर्मा रहते हैं, जो बैंक में कार्यरत हैं. पिता दिलीप वर्मा कोल माइंस में काम करते हैं और भाई हर्षित ने इंदौर से सीए की पढ़ाई पूरी की है. घटना की जानकारी मिलते ही परिवार अनूपपुर से इंदौर के लिए रवाना हो गया.
हॉस्टल कर्मचारियों ने बताया कि सुबह 9 बजे सफाईकर्मी आमतौर पर कमरों की सफाई के लिए आता है, लेकिन अमन ने दरवाजा नहीं खोला. दोपहर करीब 1 बजे उसका दोस्त अक्षय पाटिल लौटे, लेकिन दरवाजा बंद होने के कारण वह ऊपर अन्य दोस्तों के कमरे में चला गया. शाम 7 बजे जब वह नीचे आया और देखा कि दरवाजा अब भी बंद है, तो उसने हॉस्टल वार्डन को सूचना दी.
छात्रों की मदद से दरवाजा तोड़ा गया और अमन का शव फंदे पर लटका मिला. पुलिस को रात में सूचना दी गई और शव पोस्टमार्टम के लिए एमवाय अस्पताल भेजा. अमन इसी साल जीएसआईटीएस कॉलेज में बीई प्रथम वर्ष में एडमिशन लेकर 21 अगस्त से हॉस्टल में रह रहे थे. आत्महत्या के कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाए हैं, पुलिस मामले की जांच कर रही है
