एफटीए में घरेलू उद्योगों के हित के साथ निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा की शर्त शामिल की जायेगी: गोयल

नयी दिल्ली, 10 सिंतबर (वार्ता) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कहा कि विभिन्न देशों से साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को लेकर जारी वार्ताओं में भारत की ओर से घरेलू उद्योगों के संरक्षण के साथ निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा का भी ध्यान रखा जायेगा।

श्री गोयल ने यहां वाहन डीलरों के महासंघ (फाडा) के सातवें वार्षिक अधिवेशन को संबोधित करते हुये कहा, ”हम कई विकसित देशों के साथ एफटीए पर बात कर रहे हैं। भारतीय बाजार के बड़े आकार को देखते हुये कई कंपनियां भी यहां निवेश कर रही हैं। हम निश्चित रूप से घरेलू उद्योगों और घरेलू विनिर्माताओं की सुरक्षा करेंगे, उनकी मदद करेंगे, मेरी राय है कि हम निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को भी शामिल करेंगे।”

उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धा से दक्षता आती है, यह उत्पाद की गुणवत्ता बेहतर करने में मदद करती है और सुनिश्चित करती है कि ग्राहकों को मुनासिब सौदे का मौका मिल सके। इससे ग्राहक को चयन के अधिक विकल्प मिलते हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, ”इसलिए हम संरक्षण और देश में नये मॉडलों, नये मूल विनिर्माताओं के लिए द्वार खोलने के बीच संतुलन सुनिश्चित करेंगे।”

उन्होंने कहा कि सरकार यह भी सुनिश्चित करेगी कि निष्पक्षता बरतते हुये घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा दिया जाये। लेकिन साथ ही मुझे यह भी लगता है कि जब दूसरी कंपनियां देश में आयेंगी, वे यहां के बाजार को जानेंगी, तभी वे अपने कारोबार का विस्तार करेंगी और यहां पहले एसेम्बली और फिर पूरा विनिर्माण करने के लिए संयंत्र लगायेंगी।

वाहन डीलरों से सेवा और उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की अपील करते हुये श्री गोयल ने भरोसा दिलाया कि सरकार वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) प्रणाली के अंतर्गत राजस्व क्षतिपूर्ति उपकर को लेकर वाहन डीलरों की चिंताओं का समाधान करेगी। उन्होंने कहा कि वह स्वयं भी वित्त मंत्री से बात करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पूरी सरकार एक है और विभाग अब अलग-अलग कोठरियों की तरह काम नहीं करते।

इससे पहले, फाडा के अध्यक्ष सी.एस. विग्नेश्वर ने कहा कि 22 सितंबर से जीएसटी में बदलाव होने जा रहा है, जिसके तहत अब वाहनों पर क्षतिपूर्ति उपकर समाप्त करने की बात कही गयी है। लेकिन वाहन डीलरों के पास जो भंडार पहले है, जिस पर उन्होंने वाहन निर्माता कंपनियों को उपकर का भुगतान कर रखा है, उसका रिफंड सुनिश्चित किया जाये।

श्री गोयल ने वाहन डीलरों से ग्राहकों का विश्वास बनाये रखने की अपील करते हुये कहा कि वे उद्योग और ग्राहकों के बीच सेतू की तरह हैं। वे चाहे तो वाहन निर्माण कंपनी की प्रतिष्ठा को नयी ऊंचाई दे सकते हैं और चाहें तो गर्त में भी पहुंचा सकते हैं।

 

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