भारतीय सांस्कृतिक अवधारणा में स्वास्थ्य चिंतन पर राष्ट्रीय संगोष्ठी

भोपाल। भारतीय सांस्कृतिक परंपरा में स्वास्थ्य की अवधारणा और उसकी आधुनिक समय में प्रासंगिकता पर केंद्रित एक विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूज्य श्रीमद् जगद्गुरु सुखानंद द्वाराचार्य स्वामी राघव देवाचार्य ने की।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांत रंजन उपस्थित रहे। मुख्य वक्ता के रूप में चाणक्य फेम प्रख्यात लेखक, निर्देशक और चिंतक डॉ. चन्द्रप्रकाश द्विवेदी ने भारतीय संस्कृति में स्वास्थ्य की भूमिका और जीवन शैली पर विस्तृत विचार व्यक्त किए।

संगोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि भारतीय संस्कृति में स्वास्थ्य केवल शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक, सामाजिक और आध्यात्मिक संतुलन का प्रतीक है। योग, आयुर्वेद और प्राचीन जीवन पद्धति आज भी आधुनिक समय के लिए मार्गदर्शक हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्वानों, शोधार्थियों और समाजसेवियों ने सहभागिता की।

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