जबलपुर: जिला न्यायालय के द्वारा बलात्कार के आरोप में बाप-बेटे को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किये जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की गयी थी। हाईकोर्ट जस्टिस विवेक अग्रवाल तथा जस्टिस ए के सिंह की युगलपीठ ने अपील की सुनवाई करते हुए पिता को जमानत का लाभ प्रदान किया।
अपीलकर्ता विधायक मेहरा तथा उसके पिता बाजूराम मेहरा की तरफ से बलात्कार सहित अन्य धाराओं के तहत अनूपपुर जिला न्यायालय द्वारा अधिकतम 20 साल के कारावास की सजा से दंडित किये जाने के खिलाफ उक्त अपील दायर की गयी थी।
अपील में कहा गया था कि पीडिता विवाहित महिला है। घटना 17 दिसम्बर 2019 की है जबकि डीएनए के लिए 20 जनवरी 2020 को पीडित के नमूने लिये गये। इस दौरान पीडिता ने अपने पति के साथ दो बार संबंध स्थापित किये थे।
आवेदक की तरफ से बताया गया कि विधायक मेहरा तथा पीड़ित महिला के बीच सहमति का मामला था। उसके पिता को मामले में झूठा फंसाया गया है। इसके अलावा डीएनए रिपोर्ट भी त्रुटि पूर्वक है। युगलपीठ ने अपील की सुनवाई के बाद अपीलकर्ता पिता की सजा को निलंबित करते हुए जमानत पर रिहा करने के आदेश जारी किये है।
