टी20 विश्वकप 2026 के सुपर-8 मुकाबले में साउथ अफ्रीका ने भारत को 76 रन से हराया। इस विश्वकप में भारत के सलामी बल्लेबाज बड़ी साझेदारी करने में नाकाम रहे हैं। ये टीम के लिए परेशानी का सबब है।
टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 मुकाबले में भारत और साउथ अफ्रीका का 43वां मैच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला गया। इस मैच में साउथ अफ्रीका ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को 76 रनों से हराया। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी साउथ अफ्रीकी टीम ने 20 ओवर में सात विकेट पर 187 रन बनाए। इसके जवाब में टीम इंडिया 18.5 ओवर में 111 रन पर सिमट गई। इस हार के बाद भारत को फाइनल में जगह बनाने के लिए सुपर-8 में अपने अगले मुकाबले जीतने होंगे। हार का सबसे बड़ा कारण टीम की बल्लेबाजी रही, जिसमें सभी प्रमुख खिलाड़ी फ्लॉप साबित हुए।
सलामी बल्लेबाजों का निराशाजनक प्रदर्शन
टी20 विश्व कप 2026 में भारतीय टीम की सबसे बड़ी कमजोरी उसकी ओपनिंग जोड़ी रही है। सुपर-8 के पहले मुकाबले में भारतीय ओपनर्स बिना कोई रन बनाए यानी 0 पर आउट हो गए। इससे पहले अमेरिका के खिलाफ ओपनिंग साझेदारी सिर्फ 8 रन की रही, नामीबिया के खिलाफ 25 रन, पाकिस्तान के खिलाफ 1 रन और नीदरलैंड के खिलाफ 0 रन पर ही पहला विकेट गिर गया। सलामी बल्लेबाजों की लगातार विफलता ने मिडिल ऑर्डर पर भारी दबाव डाला।
मिडिल ऑर्डर भी नहीं संभाल पाया टीम
ओपनर्स के जल्दी पवेलियन लौटने के बाद टीम को लगातार झटके लगते रहे। ईशान किशन और अभिषेक शर्मा कुछ नहीं कर पाए, जबकि तिलक वर्मा केवल 1 रन पर आउट हुए। वॉशिंगटन सुंदर ने 11 रन बनाए और सूर्यकुमार यादव 18 रन पर पवेलियन लौटे। हार्दिक पांड्या ने 18 रन बनाए, जबकि रिंकू सिंह अपना खाता भी नहीं खोल सके। मिडिल ऑर्डर की यह असफलता टीम इंडिया के लिए निर्णायक साबित हुई।
शिवम दुबे ने दिखाए कुछ बेहतर शॉट
टीम इंडिया के बीच मैदान पर शिवम दुबे ने कुछ अच्छे शॉट खेले। उन्होंने 37 गेंदों का सामना करते हुए 42 रन बनाए। हालांकि, उनका प्रयास भी टीम को जीत दिलाने के लिए पर्याप्त नहीं था। भारत की बल्लेबाजी पूरी तरह फ्लॉप रही, जिससे सुपर-8 में पहला मुकाबला साउथ अफ्रीका के पक्ष में समाप्त हुआ।
सुपर-8 में भारत की चिंता
सुपर-8 में भारत के ओपनर्स और मिडिल ऑर्डर की लगातार फेल्योर टीम के लिए चिंता का विषय बन गई है। सलामी बल्लेबाजों की विफलता और मध्य क्रम पर दबाव के कारण टीम को सुपर-8 में पहले ही मुकाबले में भारी हार का सामना करना पड़ा। अब भारत के लिए अगले मुकाबलों में सुधार करना और रन बनाने की क्षमता बढ़ाना बेहद जरूरी है।
