
काठमांडू, 09 सितंबर (वार्ता) ऑस्ट्रेलिया, फ़िनलैंड, फ़्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन और अमेरिका ने नेपाल में जेन जेड़ के विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा और जान-माल के नुकसान पर दुख व्यक्त किया है।
एक संयुक्त बयान में इन देशों ने कहा, “हम काठमांडू और नेपाल के अन्य हिस्सों में हुई हिंसा, जिसमें प्रदर्शनों के दौरान हुई जान-माल की दुखद हानि और घायलों की संख्या भी शामिल है, से बेहद दुखी हैं। हम पीड़ितों के परिवारों और सभी प्रभावित लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं और घायलों के शीघ्र और पूर्ण स्वस्थ होने की कामना करते हैं।”
उन्होंने शांतिपूर्ण सभा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के सार्वभौमिक अधिकारों के लिए अपना समर्थन और एकजुटता भी व्यक्त की। बयान के अनुसार “हमारी सरकारें शांतिपूर्ण सभा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के सार्वभौमिक अधिकारों के लिए अपने दृढ़ समर्थन की पुष्टि करती हैं।”
इन देशों ने सभी पक्षों से अधिकतम संयम बरतने, तनाव बढ़ने से बचने और मौलिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया।
नेपाल की स्थिति पर एक बयान में संयुक्त राष्ट्र महासचिव प्रवक्ता ने कहा कि सुरक्षा बलों को “बल प्रयोग के मूल सिद्धांतों का पालन करना चाहिए। संयुक्त राष्ट्र स्पष्ट रूप से इस स्थिति पर गहरी चिंता के साथ नज़र रख रहा है। यह ज़रूरी है कि अधिकारी, सरकार, शांतिपूर्ण सभा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकारों की रक्षा और सम्मान करें।”
गौरतलब है कि नेपाल में कल भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के खिलाफ शुरू हुआ जनरेशन -जेड़ विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया था जिसमें विशाल प्रदर्शन के दौरान पुलिस की गोलीबारी में कम से कम 20 लोग मारे गये थे।
