
उमरिया। वन विभाग द्वारा निर्दोष आदिवासियों पर झूठे प्रकरण दर्ज कर जेल भेजे जाने के विरोध में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (गोंगपा) ने सोमवार को पनपथा स्थित एसडीओ कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल हुए। गोंगपा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि आदिवासियों पर हो रहे अत्याचार तत्काल नहीं रोके गए तो पार्टी उग्र आंदोलन करेगी।
गोंगपा जिलाध्यक्ष आर.पी. कोल ने कहा कि बांधवगढ़ पार्क प्रबंधन ने हाल ही में दर्जनभर आदिवासियों पर वन सीमा में अवैध प्रवेश जैसे फर्जी मुकदमे दर्ज किए हैं। जबकि वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 में स्पष्ट प्रावधान है कि जो लोग पीढ़ियों से वन क्षेत्र में निवासरत हैं, उन्हें वहां आने-जाने और जीवन-यापन के लिए किसी अनुमति की आवश्यकता नहीं होती। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीब और अनपढ़ आदिवासियों पर मुकदमे उनकी अस्मिता और अस्तित्व पर सीधा हमला है।
प्रदर्शन के दौरान गोंगपा नेताओं ने पार्क सीमा में वर्षों से संचालित अवैध होटल-लॉजों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि जब बाहरी संचालकों को संरक्षण मिलता है, तो आदिवासियों को जेल भेजना अन्यायपूर्ण और दोहरे मापदंड का परिचायक है।
ज्ञापन में गोंगपा ने तीन मांगें रखीं
आदिवासियों पर दर्ज झूठे मुकदमे वापस हों, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हो और पार्क सीमा में चल रहे अवैध होटल-लॉजों को हटाया जाए।
