नयी दिल्ली, 08 सितंबर (वार्ता) उच्चतम न्यायालय ने ऑनलाइन गेमिंग अधिनियम 2025 के खिलाफ विभिन्न उच्च न्यायालयों में लंबित याचिकाओं को सोमवार को शीर्ष अदालत में स्थानांतरित कर दिया।
न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन की पीठ ने केंद्र सरकार की गुहार स्वीकार करते हुए दिल्ली, कर्नाटक और मध्य प्रदेश उच्च न्यायालयों में लंबित याचिकाओं को स्थानांतरित करने का आदेश पारित किया।
पीठ ने संबंधित उच्च न्यायालयों को सभी अंतरिम आवेदनों सहित संपूर्ण रिकॉर्ड एक सप्ताह के भीतर स्थानांतरित करने का निर्देश दिया।
शीर्ष अदालत ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता (केंद्र सरकार की ओर से) और याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सी ए सुंदरम और अरविंद दातार की दलीलें सुनने के बाद कहा, “समय बचाने के लिए यह स्थानांतरण डिजिटल रूप से किया जाए।”
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने तीनों लंबित मामलों को उच्च न्यायालयों से शीर्ष अदालत में स्थानांतरित करने के लिए याचिका दायर की थी।

