उद्यमशीलता, स्टार्टअप के क्षेत्र में उत्तर भारत को अपनी गति बढ़ानी चाहिये: जितेंद्र सिंह

नयी दिल्ली, 06 सितंबर (वार्ता) केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने शनिवार को स्टार्टअप और उद्यमशीलता के क्षेत्र में उत्तर भारत से दक्षिण भारत के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ने का आह्वान किया।

डॉ. सिंह ने यहां निजी क्षेत्र की चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के स्टार्ट-अप लॉन्चपैड ‘कैंपस टैंक’ के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुये कहा कि औपनिवेशिक शासन के प्रभाव के कारण उत्तर भारत में आज भी सरकारी नौकरियों को सबसे अधिक तरजीह दी जाती है, जो मनाव संसाधन की संभावनाओं का दायरा सीमित कर देती हैं।

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के स्टार्टअप लांचपैड ‘कैंपस टैंक’ की शुरुआत अग्रणी वेंचर कैपिटल फंड ‘वेंचर कैटालिस्ट्स’ के सहयोग से की गयी है। आयोजकों के अनुसार, इसके लिए शुरू में ही 60 लाख डॉलर के कोष की व्यवस्था की जा चुकी है।

केंद्रीय मंत्री ने उम्मीद जतायी कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की यह पहल विशेष रूप से उत्तर भारत में उद्यमिता को बढ़ावा देगी, जो स्टार्ट-अप क्रांति के मामले में थोड़ा पीछे रह गया है।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री ने कहा कि उत्तर भारत को देश के अन्य हिस्सों में अवसरों का पूरा लाभ उठाने के लिए पहले से कहीं अधिक प्रयास करने होंगे। उन्होंने भविष्य के भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका के महत्व को रखांकित करते हुये कहा, “अगर हमें वाकई अपनी क्षमता का अधिकतम उपयोग करना है तो हमें अपने विशाल मानव संसाधनों का भरपूर उपयोग करना होगा। हमारे पास सही माहौल है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश का नेतृत्व संभालने के बाद से बहुत कुछ बदल गया है।”

डॉ. सिंह ने कहा, “धन की कोई कमी नहीं है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के लिए बजट में 900 प्रतिशत की वृद्धि की गयी है। हमनें उद्योग जगत को पूरी आजादी दी है। हमने राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन और विश्वविद्यालयों के लिए विशेष योजनायें शुरू की हैं, जिनकी मदद से सरकारी फंडिंग का लोकतांत्रीकरण किया जा रहा है। परिणाम सकारात्मक हैं जो इस तथ्य से साफ हो रहा है कि ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स (जीआईआई) 2024 में 133 वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं में भारत 39वें स्थान पर है। देश में 1.8 लाख से ज़्यादा स्टार्ट-अप हैं, जिनमें से लगभग 60 प्रतिशत का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं।”

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि स्टार्ट-अप्स को एआई और एमएल (मशीन लर्निंग) जैसे क्षेत्रों से आगे बढ़ने की जरूरत है। उन्होंने कहा, “हमें कृषि, अंतरिक्ष और हिमालय जैसे कम विकसित क्षेत्रों में स्टार्टअ-प्स की जरूरत है।”

उन्होंने कहा, “सरकार उद्योग को एक साझेदार के रूप में देखती है। देश में सबसे पहले विकसित की गई कोविड-19 वैक्सीन का उदाहरण देते हुये, केंद्रीय मंत्री ने कहा, “यह इसलिए संभव हुआ क्योंकि सरकार ने इसमें साझेदारी के लिए एक निजी कंपनी की पहचान की थी।”

राज्यसभा सदस्य और चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के चांसलर सतनाम सिंह संधू ने कहा, ”हमारे दूरदर्शी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2016 में स्टार्टअप इंडिया पहल की शुरुआत की थी ताकि नवाचार को बढ़ावा दिया जा सके। शुरुआती चरण के वित्तपोषण और क्षेत्र-विशिष्ट नीतियों के साथ, स्टार्ट-अप इंडिया पहल ने देश में एक जीवंत उद्यमशीलता पास्थितिकी तंत्र को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। नौ वर्षों की छोटी सी अवधि में भारत ने 1.89 लाख से अधिक स्टार्टअप और एक अरब डॉलर के मूल्यांकन वाले 119 यूनिकॉर्न के साथ खुद को दुनिया के तीसरे सबसे बड़े स्टार्ट-अप इकोसिस्टम के रूप में मजबूती से स्थापित किया है।”

उन्होंने कहा कि विश्व की शीर्ष कंपनियां कॉर्पोरेट बोर्डरूम में नहीं, बल्कि यूनिवर्सिटी या कॉलेज कैंपस से निकलती हैं। उन्होंने एक अध्ययन का हवाला देते हुए कहा कि अमेरिका में 10 लाख से ज्यादा स्टार्ट-अप्स में से 76 प्रतिशत यूनिवर्सिटी और कॉलेज परिसरों में विद्यार्थियों के विचारों से उत्पन्न हुए हैं।”

श्री संधू ने कहा, “कैंपस टैंक जैसी पहलों के माध्यम से हमारा उद्देश्य इस विकास को पोषित करने और एंट्रप्रन्योर्शिप की अगली पीढ़ी को सशक्त बनाने में भूमिका निभाना है। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी पिछले पांच वर्षों में सबसे अधिक पेटेंट दाखिल करने वाले देश के पांच अग्रणी विश्वविद्यालयों में गिनी गयी है। पिछले तीन वर्षों में 2,581 पेटेंट दाखिल करके इसने देश के सभी निजी और सरकारी विश्वविद्यालयों में तीसरा स्थान हासिल किया है।’’

कार्यक्रम में अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के चेयरमैन प्रोफेसर (डॉ) टी.जी. सीताराम अटल; इनक्यूबेशन सेंटर-बिमटेक के सीईओ सूर्यकांत; वेंचर कैटलिस्ट्स के सह संस्थापक अपूर्व रंजन शर्मा; अपना के एसोसिएट डायरेक्टर, एंटरप्राइज मार्केटिंग, सिद्धार्थ आनंद; चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की चांसलर प्रोफेसर हिमानी सूद; और शिक्षा, प्रौद्योगिकी और उद्योग जगत के कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

इस कार्यक्रम में नेस्टहोम (रियल एस्टेट सेक्टर), ट्रैंक्विल एआई और डॉक्टरलैब (हेल्थटेक), 256 बिट्स स्टूडियो और केम0 (एआई डीपटेक) प्रोजेक्ट वरुण (सतत ऊर्जा) अरोमा (फूड टेक), वेल्ट्रियोनेक्स स्मार्ट क्रिएशन प्राइवेट लिमिटेड और एग्रीक्योर (एग्रीटेक) सहित विभिन्न उद्योगों के विभिन्न उद्योगों के 50 से अधिक स्टार्टअप भी शामिल थे।

 

 

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