
इंदौर। एमवाय अस्पताल में दो नवजात शिशुओं की मौत का मामला सरकार के लिए सिरदर्द बन गया है। आज बच्ची के परिजनों ने एमवाय अस्पताल में धरना दिया और 1 करोड़ रुपए मुआवजे की मांग की है। वही दूसरी तरफ सरदारपुर विधायक ने न्यायिक जांच और दोषियों के खिलाफ कारवाई की मांग की है।
3 सितंबर को एमवाय अस्पताल के एनआईसीयू में चूहों के कुतरने से दो नवजात की मौत हो गई है। इसके बाद एमवाय अस्पताल प्रशासन पर घोर लापरवाही के आरोप लग रहे है। मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। उक्त मामले को लेकर प्रदेश सरकार का सिरदर्द बढ़ता जा रहा है।
नवजातों की मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है और बच्ची के परिजन आज इंदौर पहुंचे और एमवाय अस्पताल में धरना दिया। परिजनों ने एमवाय अस्पताल प्रशासन और डॉक्टर पर लापरवाही करने और बच्ची की मौत होने की सूचना छिपाने का आरोप लगाया है। साथ बच्ची को बिना बताए दाह संस्कार करने की योजना बनाने का भी दोषी ठहराया है। इतना ही नही बच्ची के पिता ने कहा कि डॉक्टर और अन्य को निलंबित किया जाए। यही मांग बच्ची की मां ने भी कही है।
1 करोड़ रुपए मुआवजे की मांग – बच्ची के माता पिता
बच्ची पिता दयाराम और माता मंजूर दयाराम ने बताया कि एमवाय अस्पताल प्रशासन ने हमको अस्पताल से भगा दिया। हमको बच्ची की जानकारी ही नहीं दी कि उसको चूहों ने कुतर दिया और मौत हो गई। जब यह जानकारी लगी तो आज हम इंदौर आए है। हम धार जिले की सरदारपुर तहसील के गांव में रहते है। बिना बताएं ही बच्ची का दाह संस्कार करने वाले थे और जयस के लोगों ने बात की ओर कलेक्टर को सूचित किया।
आज हम बच्ची की मौत पर अस्पताल में धरना दे रहे हैं और शासन से 1 करोड़ रुपए मुआवजे की मांग की है।
मामले की न्यायिक जांच हो – प्रताप ग्रेवाल,विधायक
धार जिले की सरदारपुर तहसील से विधायक प्रताप ग्रेवाल ने कहा कि बच्च मेरे विधानसभा के गांव की है। एमवाय अस्पताल प्रशासन की लापरवाही की न्यायिक जांच होना चाहिए। साथ ही अस्पताल डीन और अधीक्षक के साथ दोषियों पर कारवाई कर सस्पेंड करने की मांग सरकार से करते है।
