
ग्वालियर। गणेश महोत्सव का आज शनिवार को समापन हो गया। अंतिम दिन सुबह से ही सागरताल के पास बने अस्थायी तालाब सहित विभिन्न जलाशयों पर प्रतिमाएं विसर्जन करने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ी। इस साल अचलेश्वर मंदिर पर विराजे गणपति का विसर्जन वीरपुर बांध में किया गया। पहली बार गणपति विसर्जन के दौरान अचलेश्वर महादेव मंदिर से चल समारोह नहीं निकाला गया। गणपति की प्रतिमा को एक ट्रॉले में रखकर चुनिंदा भक्त गणपति के विसर्जन के लिए गए। अनंत चतुर्दशी पर भक्तों में भारी उत्साह रहा। भक्त बैंड-बाजे और ढोल नगाड़ों की धुन पर धूमधाम के साथ प्रतिमा विसर्जन चल समारोह निकाला शहर में हर ओर चल समारोहों में भगवान गणेश के भजन गूंज रहे थे। मंदिरों में बज रहे घंटे घड़ियाल राहगीरों के मन को आनंदित कर दिया।
*सड़कों पर तैनात रहे पुलिसकर्मी*
श्रीजी की प्रतिमा विसर्जन के दौरान कोई घटना घटित न हो जाए इसके लिए पुलिस का कड़ा पहरा जलाशयों और सड़कों पर लगा हुआ था। सागरताल पर पुलिस तैनात रही और प्रतिमा विसर्जन करने वालों की सुरक्षा में लगी रही। पुलिस अफसर विधि-विधान के साथ गोताखोरों की मदद से गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन करा रहे थे और पानी में जाने से श्रद्धालुओं को रोका गया गोताखोर ने प्रतिमाओं लेकर पानी के बीचों बीच विसर्जित किया।
*पहले पूजन फिर विसर्जन*
सागरताल के पास बने तालाब पर गणेश प्रतिमा विसर्जित करने के लिए नगर निगम की टीम भी लगी रही। वह श्रद्धालुओं से भेंट लेकर प्रतिमाएं विसर्जित करा रहे थे । प्रतिमा विसर्जित करने से पूर्व भक्तों ने सागरताल के पास गणेश जी का पूजन किया। श्री बाल गणेश क्लब मुरार द्वारा प्रतिमा के विसर्जन से पूर्व पूजा-अर्चना की गई।
