रायपुर (वार्ता) छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के रायपुर में सरकारी और भिलाई स्थित निजी आवास पर बुधवार सुबह केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने छापेमारी की। छापेमारी के बाद श्री बघेल ने प्रतिक्रिया देते हुए एक्स पर महादेव सट्टा ऐप घोटाले मामले में सीबीआई द्वारा की गई छापेमारी का विरोध किया। श्री बघेल ने छापों को लेकर भाजपा पर हमला बोला और कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 30 मार्च को बिलासपुर आ रहे हैं और उनके भाषण के मुद्दे को तैयार करने के लिए छापेमारी की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि सीबीआई ने आज बहुचर्चित महादेव ऑनलाइन सट्टा एप मामले की जांच में छत्तीसगढ़, भोपाल, कोलकाता और दिल्ली में 60 स्थानों पर छापेमारी की। इसमें संदेह के दायरे में आनेवालों में राजनेता, वरिष्ठ नौकरशाह, पुलिस अधिकारियों और प्रमुख पदाधिकारि शामिल हैं। सीबीआई की टीम पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व सलाहकार विनोद वर्मा, आईपीएस आनंद छाबड़ा, प्रशांत अग्रवाल, भूपेश बघेल के ओएसडी रहे मनीष बंछोर, आशीष वर्मा के निवास से जांच पूरी कर रवाना हो गई। सीबीआई ने गुरुवार को कई अफसरों को पूछताछ के लिए तलब किया है। पूछताछ में बड़े खुलासे होने का अनुमान है।
उल्लेखनीय है कि महादेव ऑनलाइन सट्टा एप मामले की जांच अप महानिरीक्षक स्तर के अधिकारी, 2009 बैच के आईपीएस अभिनव खरे के नेतृत्व में दिल्ली से सीबीआई के अफसरों की टीम छत्तीसगढ़ पहुंची थी। टीम ने प्रदेशभर में 33 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की। महादेव सट्टा एप मामले में पिछले दस घंटों तक जांच के बाद सीबीआई की टीम वापस रवाना हो गई।
छापेमारी के बाद सीबीआई ने पूर्व मुख्यमंत्री के ओएसडी आशीष वर्मा के वसुंधरा नगर स्थित निवास को सील कर दिया। अधिकारियों ने मनीष बंछोर की अनुपलब्धता के कारण उनके परिजनों से महादेव सट्टा एप से जुड़े सवाल पूछे। पैतृक व नौकरी से अर्जित सम्पतियों के दस्तावेज सीबीआई अधिकारी अपने साथ ले गए।
जिन प्रमुख लोगों के ठिकानों पर कार्रवाई हुई, उनमें पूर्व सीएम भूपेश बघेल और उनके राजनीतिक सलाहकार विनोद वर्मा, सीएम सचिवालय में उप सचिव रहीं सौम्या चौरसिया, विधायक देवेंद्र यादव, पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, आईपीएस अधिकारी आनंद छाबड़ा, अभिषेक पल्लव, आरिफ शेख, प्रशांत अग्रवाल, एडिशनल एसपी अभिषेक महेश्वरी, एडिशनल एसपी संजय ध्रुव, केपीएस ग्रुप के निशांत त्रिपाठी, पूर्व ओएसडी मनीष बंछोर व आशीष वर्मा, निरीक्षक गिरीश तिवारी समेत 33 से अधिक ठिकाने शामिल हैं।
राजनांदगांव के वीआईपी कॉलोनी सन सिटी में स्थित बघेल सरकार में प्रभावशाली अधिकारी रहे अतिरिक्त पुलिस अधिकारी अभिषेक महेश्वरी के घर पर सीबीआई टीम पहुंची, जहां उनके घर को सील कर दिया।
छत्तीसगढ़ सरकार ने अगस्त 2024 में महादेव बेटिंग एप घोटाले की जांच आधिकारिक तौर पर सीबीआई को सौंप दी थी। ईडी ने पिछले साल जनवरी में इस पूरे मामले की जांच शुरू की थी, जिसके बाद इसका जिम्मेदारी एसीबी और आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को भी सौंप दिया गया था। चार मार्च को एसीबी द्वारा दायर चार्जशीट में भूपेश बघेल को आरोपी बनाया गया था। भूपेश बघेल के खिलाफ पुलिस ने विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 11 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी।
उल्लेखनीय है कि एक वरिष्ठ पत्रकार द्वारा उच्च न्यायालय में दायर याचिका के तुरंत बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, कई आईएएस-आईपीएस अधिकारियों और वरिष्ठ राजनेताओं के ठिकानों पर सीबीआई ने आज सुबह छापेमारी की। पत्रकार की याचिका में दावा किया गया था कि प्रदेश में ऑनलाइन सट्टा प्रतिबंधित होने के बावजूद यह कारोबार धड़ल्ले से जारी है। उच्च न्यायालय में पेश किए गए सबूतों में कई बड़ी हस्तियों के इस गोरखधंधे से जुड़े होने की बात भी सामने आई थी।
