शिमला, (वार्ता) हिमाचल प्रदेश विधानसभा ने बुधवार को वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए राज्य के बजट को मंजूरी प्रदान की, जिसमें कुल परिव्यय में उल्लेखनीय वृद्धि कर इसे 6,23,876.18 करोड़ रुपये किया गया।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, जिन्होंने दिन में अपना 62वां जन्मदिन मनाया, ने विधानसभा में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए संशोधित परिव्यय का प्रस्ताव करते हुए विनियोग विधेयक पेश किया।
संशोधित बजट में पहले प्रस्तावित लगभग 5,80,573.97 करोड़ रुपये से बहुत वृद्धि की गई है, जो पूंजीगत व्यय और विकासात्मक पहलों को बढ़ावा देने पर सरकार के दृष्टिकोण को दर्शाता है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने वित्तीय विधेयक में कहा कि कुल बजट का आकार 5,80,573.97 करोड़ रुपये से बढ़कर 6,23,876.18 करोड़ रुपये होगा।
पूंजीगत व्यय प्रारंभिक 5,507 करोड़ रुपये से बढ़कर 98,03.25 करोड़ रुपये हो गया, जिसमें अवसंरचना और दीर्घकालिक परियोजनाओं पर बलदिया गया। राजस्व व्यय 4,97,570.69 करोड़ रुपये रहा, जिसमें आवश्यक सेवाएं और प्रशासन शामिल हैं।
विधेयक को ध्वनिमत से पारित किया गया, जिससे बढ़े हुए आवंटन के लिए द्विदलीय समर्थन प्राप्त हुआ। बजट में राजभवन (राज्यपाल) 26.55 करोड़ रुपये, विधानसभा 45.83 करोड़ रुपये (राजस्व) और 3.15 करोड़ रुपये (पूंजी) सहित प्रमुख राज्य अंगों के व्यय का भी ब्यौरा दिया गया। पुलिस और न्यायपालिका के लिए आवंटित राशि 17,504.32 करोड़ रुपये (राजस्व) और 7.27 करोड़ रुपये (पूंजी) है।
