वॉशिंगटन डीसी, 06 सितंबर 2025: अमेरिका की जानी-मानी विदेश नीति विशेषज्ञ बोनी ग्लेसर ने भारत पर दबाव बनाने की अमेरिकी रणनीति को गलत करार दिया है। उन्होंने कहा है कि भारत जैसे एक महत्वपूर्ण सहयोगी पर दबाव डालने से अमेरिका को कोई फायदा नहीं होगा, बल्कि इससे दोनों देशों के संबंधों में तनाव ही बढ़ेगा। ग्लेसर का यह बयान उन अमेरिकी राजनेताओं के लिए एक चेतावनी है, जो भारत को कुछ मुद्दों पर अपने रुख के साथ संरेखित करने के लिए मजबूर करना चाहते हैं।
भारत को अहम सहयोगी मानें अमेरिका
ग्लेसर ने सुझाव दिया कि अमेरिका को भारत को एक स्वतंत्र और मजबूत साझेदार के रूप में देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि चीन के बढ़ते प्रभाव का मुकाबला करने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए भारत एक बेहद महत्वपूर्ण सहयोगी है। दोनों देशों को एक-दूसरे के राष्ट्रीय हितों का सम्मान करते हुए साझा लक्ष्यों पर काम करना चाहिए।
विशेषज्ञों की राय और निष्कर्ष
कई अन्य विशेषज्ञों ने भी ग्लेसर की राय का समर्थन किया है। उनका मानना है कि भारत की विदेश नीति उसकी अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों पर आधारित है। इसलिए, एक टिकाऊ और मजबूत साझेदारी केवल आपसी सम्मान और समझ के आधार पर ही संभव है, न कि दबाव की रणनीति से।

