
नई दिल्ली, 06 सितंबर 2025: यूरोपीय यूनियन (EU) ने अपनी डिजिटल प्रतिस्पर्धा नीतियों का उल्लंघन करने पर टेक दिग्गज गूगल पर अरबों डॉलर का भारी जुर्माना लगाया है। यूरोपीय आयोग ने आरोप लगाया है कि गूगल ने अपनी प्रभुत्व वाली स्थिति का दुरुपयोग करते हुए प्रतिद्वंद्वी कंपनियों को अनुचित लाभ लेने से रोका। इस जुर्माने को यूरोप में एक निष्पक्ष डिजिटल बाजार सुनिश्चित करने के EU के प्रयासों का हिस्सा बताया जा रहा है।
ट्रम्प ने दी कड़ी चेतावनी
गूगल पर लगे इस जुर्माने से अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से यूरोपीय यूनियन को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यूरोपीय यूनियन की कंपनियां भी अब हमारे निशाने पर होंगी। उन्होंने इस कार्रवाई को अमेरिकी कंपनियों पर एक अनुचित हमला बताया और कहा कि अमेरिका को भी इसका करारा जवाब देना चाहिए।
डिजिटल व्यापार युद्ध का खतरा
विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना अमेरिका और यूरोपीय यूनियन के बीच एक नए ‘डिजिटल व्यापार युद्ध’ की शुरुआत हो सकती है। दोनों पक्षों के बीच पहले से ही व्यापार नीतियों को लेकर तनाव है, और यह जुर्माना इसे और बढ़ा सकता है। इस विवाद का असर अन्य अमेरिकी और यूरोपीय टेक कंपनियों पर भी पड़ सकता है, जिससे वैश्विक व्यापार संबंधों में अस्थिरता आ सकती है।
