खतरे के साये में पढ़ाई, जर्जर भवनों में भविष्य गढ़ रहे मासूम

नौरोजाबाद: जिले की शासकीय शिक्षा व्यवस्था बदहाल होती जा रही है। सरकारी घोषणाओं के बावजूद स्कूलों की स्थिति सुधरने की बजाय और खस्ताहाल होती नजर आ रही है। कई प्राथमिक विद्यालय जर्जर भवनों में संचालित हो रहे हैं, जिससे बच्चों की जान पर हर दिन खतरा मंडराता रहता है।

ताजा मामला करकेली विकासखंड के रहठा जनशिक्षा केंद्र अंतर्गत प्राथमिक स्कूल बरहाई कुदरी का है, जहां 36 छात्र-छात्राएं जीर्ण-शीर्ण भवन में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। बरसात के समय पूरी छत टपकने लगती है, जिसे बचाने के लिए तिरपाल का सहारा लिया जा रहा है।

स्कूल के प्रधानाध्यापक स्वयंबर बैगा ने बताया कि भवन 2017 से जर्जर है। लगातार पत्राचार के बावजूद मरम्मत नहीं हो सकी। दो-तीन साल पहले एक बच्चे पर प्लास्टर गिर चुका है।परियोजना समन्वयक सर्व शिक्षा अभियान का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए जल्द ही वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। बावजूद इसके, शिक्षा व्यवस्था सुधारने में जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की नाकामी साफ झलक रही है।

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