जबलपुर: सागर जिले की देवरी नगर परिषद की अध्यक्ष नेहा जैन को हटाए जाने के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। दायर मामले में स्थानीय विधायक बृज बिहारी पटेरिया पर साजिश रचने के आरोप लगाए गए हैं। जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ के समक्ष उभयपक्षों के तर्क पूरे होने के बाद न्यायालय ने अपना फैसला सुरक्षित कर लिया है।
दरअसल यह मामला नेहा जैन की ओर से दायर किया गया था। जिसमें कहा गया था कि वे नगर परिषद की निर्वाचित अध्यक्ष हैं। याचिका में राज्य सरकार के बीते 25 अगस्त 2025 को जारी उस आदेश को चुनौती दी है, जिसके तहत उन्हें अध्यक्ष पद से हटा दिया गया था। याचिका में आरोप है कि स्थानीय विधायक बृज बिहारी पटेरिया की राजनीतिक साजिश और असंतुष्ट पार्षदों की मिलीभगत से उन्हें बेबुनियाद आरोपों के आधार पर हटाया गया, जो अवैधानिक है।
याचिका में दावा किया गया है कि यह कार्रवाई राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित होकर की गई, जो लोकतांत्रिक जनादेश पर सीधा प्रहार है। निर्वाचित अध्यक्ष जैन ने 25 अगस्त के आदेश को रद्द करने और अपने पद पर बहाली की मांग याचिका में की थी। जिस पर न्यायालय ने पिछली सुनवाई पर पूरा रिकार्ड पेश करने के निर्देश दिये थे। मामले में बुधवार को आगे हुई सुनवाई पर न्यायालय ने उभयपक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद अपना फैसला सुरक्षित कर लिया है।
