
रीवा।जिले में खाद को लेकर महासंकट बरकरार है, यूरिया खाद लेने के लिये कृषि उपज मंडी करहिया में खड़े किसानो पर मंगलवार की रात पुलिस ने लाठियां बरसाई, जिसके बाद भगदड़ मच गई और कई किसानो को चोंट आई. पुलिस ने दौड़ा-दौड़ा कर किसानो को पीटा, पिछले पांच दिन से खाद के लिये किसान मंडी में ड़ेरा डाले हुए है. दिन भर धूप में तपने के बाद उम्मीद थी कि शाम को खाद मिलेगी.
लेकिन जैसे ही कहा गया कि अब खाद नही मिलेगी तो किसान आक्रोशित हो गये. इसी दौरान पुलिसकर्मियो ने उन पर लाठियां बरसाई. रात के अंधेरे में किसानो को लाठियों से पीटा गया और सुबह मरहम लगाने और डैमेज कंट्रोल को लेकर पुलिस ने बिस्कुट और टाफी बांट कर हमदर्दी जताई. उधर एसपी विवेक सिंह कहते है कि लाठी चार्ज किसानो पर नही बल्कि आसमाजिक तत्वों पर किया गया है जो व्यवस्था बिगाडऩे में लगे थे. उपद्रवी कौन थे यह पुलिस नही बता पा रही है. लाठी चार्ज को लेकर भोपाल तक तहलका मच गया है, किसानो में भारी आक्रोश है. पिछले चार दिन से किसान खाद के लिये बैठे हुए है. मंगलवार को दिन भर धूप और बारिश में किसान खाद पाने के लिये ड़टे रहे. अधिकांश किसानो को टोकन तक नही मिला, शाम तक खाद न मिलने से किसान निराश हो गये लेकिन अधिकारी कहते रहे खाद मिलेगी और जब रात को केन्द्र बंद कर दिया गया तो किसान आक्रोश हो गये और नारेबाजी करने लगे. जिसके बाद पुलिस ने किसानो पर लाठियां बरसाई. चोरहटा, विश्वविद्यालय, कोतवाली सहित शहर के अन्य थानो से पुलिसबल करहिया मंडी पहुंच गया. लाठी चार्ज के दौरान इधर उधर किसान भागने लगे. किसानो ने आपबीती सुनाते हुए कहा कि अगर खाद नही देना था तो लाइन में क्यो खड़ा किया गया. किसानो पर लाठी बरसाई गई यह कहा का न्याय है. क्या लाइन में लगे किसान आसमाजिक तत्व थे.
तीन दिन में पहुंचेगी खाद
जानकारी के मुताबिक तीन दिवस के अंदर रीवा में दो फुल और एक हाल्फ रैक यूरिया रीवा पहुंचेगी. एनएफएल की 1 हजार 900 मे.टन की रैक ट्रंाजिट में है जो रात को जिले में पहुंचने की संभावना है. इसके साथ ही फूलपुर प्लांट से इफको की 2 हजार 700 मैट्रिक टन रैक रवाना की गई है जो कल शाम तक पहुंचेगी. वही चम्बर फर्टिलाइजर की आधी रैक 6 सितम्बर तक जिले में पहुंचने की संभावना है.
जिले में इस बार कम खाद आने से संकट
किसानो के सामने यूरिया खाद का संकट है, इस बार कम खाद पहुंची जिसके कारण स्थित बिगड़ गई. उप संचालक कृषि यूपी बागरी ने बताया कि गत वर्ष अभी तक 22 हजार मैट्रिक टन खाद का विक्रय किया गया था जबकि इस वर्ष अभी तक 17239 में टन खाद का विक्रय हुआ है. शासन स्तर से गत वर्ष की तुलना में अभी तक 5 हजार मैट्रिक टन कम खाद प्राप्त हुई है जिसके कारण जिले में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं है. बैठक में बताया गया कि शीघ्र ही 1800 मैट्रिक टन खाद की रैक जिले को प्राप्त होगी जिसे किसानों के सहयोग से सुचारू ढंग से विक्रय की व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी.
जहा किसान ज्यादा है वहा पर्याप्त बल रखे: कमिश्नर
कमिश्नर बी.एस जामोद ने कहा कि सभी कलेक्टर खाद वितरण की सुचारू व्यवस्था करें, जिससे किसानों को बिना किसी कठिनाई के खाद मिल सके. खाद की उपलब्धता, वितरण तथा सात दिनों में आने वाली खाद की रैक का व्यापक प्रचार-प्रसार कराएं. डबल लाक सेंटर के साथ सहकारी समितियों के माध्यम से भी खाद का पर्याप्त वितरण सुनिश्चित करें. जिन केन्द्रों में बड़ी संख्या में किसान पहुंच रहे हैं वहाँ पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात कर व्यवस्थित वितरण कराएं. समितियों तथा डबल लाक से सुबह 7 बजे से खाद का वितरण शुरू करा दें. वितरण केन्द्रों में राजस्व और कृषि विभाग के अधिकारी तैनात रखें.
संयुक्त किसान मोर्चा ने जताया विरोध
कृषि उपज मंडी करहिया में खाद के लिये टोकन के इंतजार में बैठे किसानो पर पुलिस ने मंगलवार की रात जिस तरह से अंधेरे में लाठियां चलाई उससे भगदड़ मच गई और कई किसान घायल हुए है. विभिन्न किसान संगठनो ने इसका कटु निंदा की है. संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर नारेबाजी की और लाठी चार्ज करने वालो पर कार्यवाही की मांग की. किसान नेताओं ने कहा कि अगर खाद नही दे सकते तो कम से कम लाठी न मारे. लाठी चार्ज के खिलाफ कार्यवाही की मांग की गई है. इस दौरान किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत त्रिपाठी, शिव सिंह, लालमणि त्रिपाठी सहित सैकड़ो किसान मौजूद रहे.
आसमाजिक तत्वों को हटाया गया: एसपी
लाठी चार्ज को लेकर एसपी विवेक सिंह ने बताया कि न बर्बरता हुई और न ही किसी को गंभीर चोट आने की सूचना है. कुछ आसमाजिक तत्वो ने स्थित बिगाडऩे की कोशिश की, जिन्हे खदेड़ा गया. पुलिस ने शांति बनाए रखने की कोशिश की और किसानो ने भी सहयोग किया है.
