नयी दिल्ली, 03 सितंबर (वार्ता) भारत यात्रा पर आये जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल ने बुधवार को यहां केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ द्विपक्षीय आर्थिक एवं वाणिज्यिक संबंधों पर चर्चा की।
श्री गोयल ने इस बैठक को ‘उपयोगी बताते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “हमारी चर्चा द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों को बढ़ावा देने पर केंद्रित रही। इसके साथ ही साझा विकास और समृद्धि के लिए नवाचार, स्थिरता, प्रौद्योगिकी और पारस्परिक हित के अन्य क्षेत्रों में सहयोग के नए रास्ते तलाशने पर भी चर्चा हुयी।”
जर्मनी के विदेश मंत्री की यह यात्रा ऐसे समय हुयी है, जबकि भारत के निर्यात को अमेरिका में अचानक 50 प्रतिशत के ऊंचे प्रशुल्क की बढ़ोत्तरी का सामना करना पड़ रहा है। जर्मनी यूरोप में भारत का एक प्रमुख व्यापारिक भागीदार है। वर्ष 2024 में दोनों देशों के बीच व्यापार 33.4 अरब डॉलर के बराबर था। जर्मनी भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का भी एक प्रमुख स्रोत है। मार्च 2025 तक जर्मनी से भारत में संचयी तौर पर 15.11 अरब डॉलर का निवेश हुआ था। भारत में जर्मनी की 2000 से अधिक कंपनियां काम कर रही हैं।
श्री वाडेफुल ने आज दिन में विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ बैठक के बाद कहा कि जर्मनी यूरोपीय संघ (ईयू)और भारत के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) का प्रबल समर्थक है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि ईयू-भारत एफटीए इस वर्ष के अंत तक हो जायेगा।

