रायगढ़, 02 सितंबर (वार्ता) छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में चक्रधर समारोह के अंतर्गत आयोजित 40वीं राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता का शुभारंभ मंगलवार को राजामहल के सामने गरिमामय आयोजन के साथ हुआ।
पारंपरिक गाजे-बाजे और शोभायात्रा के साथ नगर भ्रमण करते हुए देशभर से आए पहलवानों को गांधी प्रतिमा से लेकर कुश्ती अखाड़े तक लाया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्यसभा सांसद कुंवर देवेंद्र प्रताप सिंह उपस्थित रहे। अध्यक्षता सांसद राधेश्याम राठिया ने की जबकि महापौर और सभापति विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।
कुश्ती प्रतियोगिता का शुभारंभ राजा चक्रधर सिंह और महाबली बजरंगबली के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलन से हुआ। पारंपरिक स्वागत के बीच पहलवानों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
देवेंद्र प्रताप सिंह ने अपने उद्बोधन में राजा चक्रधर सिंह के खेल प्रेम को याद करते हुए एक प्रेरणादायक प्रसंग साझा किया। उन्होंने बताया कि रायगढ़ रियासत में एक बार अंग्रेज सैंडो पहलवान आया था, लेकिन चिराईपानी गांव के पूरन सिंह की ताकत देखकर उसने मुकाबले से ही इनकार कर दिया और रियासत छोड़ दी। इस प्रसंग ने राजा चक्रधर सिंह की दूरदर्शिता और रियासत के पहलवानों की शक्ति को उजागर किया। सिंह ने पूरन सिंह और बालानर जैसे पहलवानों का उल्लेख किया जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश का गौरव बढ़ाया।
राधेश्याम राठिया ने कहा कि केंद्र सरकार जल्द ही सांसद खेल महोत्सव शुरू करने जा रही है, जो गांव, शहर और संसदीय क्षेत्र स्तर पर तीन चरणों में आयोजित होगा। इसका उद्देश्य ग्रामीण और शहरी प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाना है।
प्रतियोगिता का पहला मुकाबला दिल्ली के प्रवीण और छत्तीसगढ़ के विजेंद्र के बीच हुआ, जिसमें प्रवीण विजयी रहे। वहीं दूसरे मैच में बिलासपुर के कृष्ण कांत ने रायगढ़ के राहुल चौहान को हराया।

