बीजिंग, 2 सितंबर (वार्ता) शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन 2025 (एससीओ) में शामिल होने के लिए चीन आये उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव की चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मंगलवार को मुलाकात हुई। इस दौरान श्री जिनपिंग ने कहा कि चीन उज़्बेकिस्तान की संप्रभुता, सुरक्षा और विकास हितों की रक्षा में उसका समर्थन करता है।
श्री मिर्जियोयेव एससीओ के साथ ही जापानी आक्रमण के विरुद्ध चीनी जन प्रतिरोध युद्ध और विश्व फासीवाद-विरोधी युद्ध में विजय की 80वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित स्मरणोत्सव में भी भाग लेंगे। श्री जिनपिंग ने कहा कि चीन विकास रणनीतियों के समन्वय में तेज़ी लाने, चीन-किर्गिज़स्तान-उज़्बेकिस्तान रेलवे परियोजना के निर्माण को आगे बढ़ाने, संयुक्त वैज्ञानिक अनुसंधान, हरित ऊर्जा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा, आपातकालीन प्रबंधन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, गरीबी उन्मूलन और अन्य क्षेत्रों में सहयोग को मज़बूत करने के लिए उज़्बेकिस्तान के साथ मिलकर काम करने को तैयार है। उन्होंने कहा कि साथ ही चीन सांस्कृतिक, शैक्षिक, पर्यटन और स्थानीय आदान-प्रदान का विस्तार भी करेगा।
उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों को आतंकवाद, उग्रवाद और अलगाववाद जैसी “तीन बुरी ताकतों” का संयुक्त रूप से मुकाबला करने के साथ साथ सुरक्षा जोखिमों व चुनौतियों का समाधान करने के लिए चीन-उज़्बेकिस्तान कानून प्रवर्तन और सुरक्षा सहयोग तंत्र का सदुपयोग करना चाहिए।
श्री जिनपिंग ने इस बात पर ज़ोर दिया कि चीन और उज़्बेकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र को केंद्र में रखकर अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था को दृढ़ता से बनाए रखना चाहिए, सच्चे बहुपक्षवाद का पालन करना चाहिए, वैश्विक शासन पहल (जीजीआई) को संयुक्त रूप से लागू करना चाहिए, द्वितीय विश्व युद्ध में विजय के परिणामों की रक्षा करनी चाहिए और कठिन परिश्रम से प्राप्त शांति और अमन-चैन की रक्षा करनी चाहिए।
श्री मिर्ज़ियोयेव ने कहा कि उज़्बेकिस्तान अपने आर्थिक और सामाजिक विकास और लोगों की आजीविका में सुधार के लिए चीन के दीर्घकालिक और मूल्यवान समर्थन की सराहना करता है। उन्होंने कहा कि उज़्बेकिस्तान एक नए युग के लिए सर्व-मौसम व्यापक रणनीतिक साझेदारी के विकास को आगे बढ़ाने के लिए चीन के साथ मिलकर काम करने को तैयार है।
श्री मिर्ज़ियोयेव ने कहा कि उज़्बेकिस्तान राष्ट्रपति जिनपिंग जिनपिंग द्वारा प्रस्तावित जीजीआई का पूर्ण समर्थन करता है। उन्होंने आगे कहा कि यह पहल वैश्विक शासन की आवश्यकताओं के अनुरूप है और इसमें गहन रणनीतिक दृष्टि निहित है। श्री मिर्ज़ियोयेव ने कहा कि उज़्बेकिस्तान इस पहल को संयुक्त रूप से लागू करने और अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था को अधिक न्यायसंगत और समतापूर्ण दिशा में आगे बढ़ाने के लिए चीन के साथ मिलकर काम करने को तैयार है।
बैठक के बाद, दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने विकास रणनीति योजना, सांस्कृतिक केंद्रों की पारस्परिक स्थापना और चिकित्सा सेवाओं जैसे क्षेत्रों में कई द्विपक्षीय सहयोग दस्तावेजों का आदान-प्रदान देखा। दोनों पक्षों ने आर्थिक और तकनीकी सहयोग, डिजिटल अर्थव्यवस्था, बाजार विनियमन, एयरोस्पेस और सीमा शुल्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग दस्तावेजों पर भी हस्ताक्षर किए।
