
बैतूल। भीमपुर विकासखंड अंतर्गत आदिवासी बहुल बर्राढाना गांव में भीषण आग लगने से 18 से अधिक मकान जलकर खाक हो गए, जबकि 20 से ज्यादा मवेशियों की जिंदा जलने से मौत हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कल रात तेज आंधी-तूफान के बीच आग भड़की, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। ग्रामीणों के अनुसार आग संभवतः चूल्हे से निकली चिंगारी से लगी, जिसे तेज हवा ने तेजी से फैला दिया। आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
ग्रामीणों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तेज हवाओं के चलते आग पर काबू पाना संभव नहीं हो सका। सूचना के बावजूद दमकल वाहन करीब ढाई घंटे बाद रात साढ़े आठ बजे मौके पर पहुंचा। बताया गया कि चिचोली नगर परिषद का फायर वाहन रास्ते में खराब हो गया था, जिसके बाद बैतूल से दूसरा वाहन भेजा गया।
आग के दौरान घरों में रखे रसोई गैस सिलेंडरों में विस्फोट होने से नुकसान और बढ़ गया। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हुआ और तहसीलदार, पुलिस बल सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किए गए। प्रभावित ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
प्रभावित परिवारों को अस्थायी रूप से स्कूल और पंचायत भवन में ठहराया गया है, जहां भोजन, पानी और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अधिकांश परिवारों का घरेलू सामान जल जाने से वे गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं।
कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को नुकसान का सर्वेक्षण कर राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत शीघ्र आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए। साथ ही राशन और आवश्यक वस्तुओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
स्वास्थ्य विभाग को गांव में शिविर लगाकर प्रभावितों का स्वास्थ्य परीक्षण करने और आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। घटना में किसी जनहानि की सूचना नहीं है, हालांकि संपत्ति का भारी नुकसान हुआ है। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के पुनर्वास का आश्वासन दिया है।
