उज्जैन: शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्यान्न पात्रता पर्ची रखने वाले हितग्राहियों की जांच प्रक्रिया तेज हो गई है. सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अब केवल पात्र परिवारों को ही खाद्यान्न सामग्री मिलेगी, जबकि अपात्र लोगों के नाम सूची से हटा दिए जाएंगे. अमीर परिवारों द्वारा अपात्र ढंग से जो खाद्यान्न लिया जा रहा है वह भी अब गरीबों को प्राप्त होगा.
जिलेभर में भंडार संचालकों, समिति प्रबंधकों और अधिकारियों की लगातार बैठकें हो रही हैं. जांच में सामने आया है कि कई ऐसे लोग भी सामग्री ले रहे हैं जो सरकारी नियमों के अनुसार पात्र नहीं हैं. इनमें वे लोग शामिल हैं जिनके पास नौकरियां, स्थायी आय, लाखों-करोड़ों की संपत्ति है और जीएसटी व इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करते हैं, फिर भी वे गरीब परिवारों के कोटे का राशन प्राप्त कर रहे हैं.
अपात्रों की पर्चियां होगी निरस्त
इस पूरी कार्रवाई की मॉनिटरिंग जिला कलेक्टर रोशन कुमार सिंह और जिला आपूर्ति अधिकारी स्वयं कर रहे हैं. संदिग्ध हितग्राहियों को नोटिस जारी किए गए हैं. यदि समय पर संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो उनकी पात्रता पर्ची निरस्त कर दी जाएगी.
सरकार को करोड़ों का नुकसान
प्रशासन का कहना है कि इस गड़बड़ी से अब तक सरकार को करोड़ों रुपए का नुकसान हो चुका है. कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अपात्र लोगों को हटाकर केवल वास्तविक गरीब परिवारों को ही लाभ दिया जाए, ताकि योजना का असली उद्देश्य पूरा हो सके. जिले में खाद्यान्न पात्रता पर्चियों की जांच का काम तेजी से चल रहा है. प्रशासन ने अब तक कुल 5621 लोगों को नोटिस जारी किए हैं. इसमें शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के हितग्राही शामिल हैं.
अफसरो ने संभाला मोर्चा
जांच की कमान कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारियों के साथ-साथ एसडीएम एल.एन. गर्ग और ग्रामीण एसडीएम कृतिका भीमावत ने संभाल रखी है. पात्रता की शर्तों पर खरे उतरने वालों को ही खाद्यान्न मिलेगा, जबकि अपात्रों के नाम सूची से हटाने की प्रक्रिया लगातार जारी है.
किन्हें हटाया जाएगा
सरकार के निर्देश अनुसार, जिन हितग्राहियों के पास पक्के मकान, चारपहिया वाहन, कृषि भूमि, पर्याप्त बैंक बैलेंस है,सरकारी नौकरी या व्यवसाय से अच्छी-खासी आय है, वार्षिक आमदनी 6 लाख से अधिक है, 25 लाख रुपए से ज्यादा का कारोबार हैजीएसटी जमा करते हैं या किसी पंजीकृत कंपनी में डायरेक्टर हैं, उन्हें इस योजना से बाहर किया जाएगा.
इनका कहना है…
खाद्यान्न योजना का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों तक राहत पहुंचाना है. अपात्र हितग्राहियों को किसी भी स्थिति में लाभ नहीं लेने दिया जाएगा. सभी की जांच पारदर्शी तरीके से हो रही है और जिनका नाम गलत पाया जाएगा, उन्हें सूची से हटाया जाएगा. पात्र लोगों का हक किसी भी कीमत पर नहीं छीना जाएगा.
– रोशन सिंह, जिला कलेक्टर
