सतना: जिला चिकित्सालय में पदस्थ नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टॉफ में से कुछ कर्मचारियों द्वारा की जाने वाली अवैध वसूली खतरनाक स्तर पर पहुंचती नजर आने लगी है. प्रसव होने के बाद वार्ड क्र. 4 में भर्ती महिला के परिजन से वहां पर पदस्थ वार्ड आया ने 2 हजार रु की मांग की. बच्चा होने की खुशी में परिजन ने 500 रु दे भी दिए. लेकिन इससे खार खाकर वार्ड आया ने न सिर्फ परिजन बल्कि उसे बचाने आए सुरक्षा कर्मी को भी चप्पल से मारने के लिए दौड़ा लिया. पीडि़त परिजन द्वारा घटना की लिखित शिकायत अस्पताल पहुंचकर की गई.
शहर के धवारी क्षेत्र अंतर्गत गली नंबर 1 के निवासी बीरेंद्र चौधरी अपनी प्रसव पीडि़ता पत्नी महिमा वर्मा को लेकर 28 अगस्त को जिला चिकित्सालय पहुंचे थे. जहां पर सुरक्षित प्रसव के बाद महिमा को अस्पताल के वार्ड क्रमांक 4 में भर्ती कर दिया गया. बीरेंद्र के अनुसार वार्ड 4 में बतौर वार्ड आया पदस्थ सत्यम कुशवाहा ने उनसे 2 हजार रु मांगे. जिस पर उन्होंने पूछा भी कि पैसे किस बात के मांगे जा रहे हैं. जवाब में वार्ड आया ने बताया कि अस्पताल में जो भी प्रसव होते हैं तो संबंधित स्टॉफ के खर्चे-पानी के लिए सभी को पैसे देने पड़ते हैं.
यह सुनकर बीरेंद्र ने बात को और आगे न बढ़ाते हुए 500 रु वार्ड आया सत्यम कुशवाहा को दे दिए. लेकिन वार्ड आया 2 हजार पर अड़ी रही. जिसे देख बीरेंद्र ने स्पष्ट कह दिया कि जो कुछ भी खुशी से देना था, उन्होंने दे दिया, अब इससे आगे वे एक पैसा भी नहीं देेंगे. यह सुनकर वार्ड आया गुस्से से तमतमा गई और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए वीरेंद्र की ओर लपकी. वार्ड आया के तेवर देख बीरेंद पीछे हट गए. लेकिन इसी दौरान वार्ड आया ने अपनी चप्पल उतारी और उससे बीरेंद्र को मारने के लिए दौड़ा लिया. बचते-बचाते वीरेंद्र अस्पताल के मुख्य गेट पर तैनात सुरक्षा कर्मी राहुल सोनी के पास गए और घटनाक्रम के बारे में बताया.
घबड़ाए परिजन को देख सुरक्षा कर्मी राहुल उन्हें लेकर वापस वार्ड 4 की ओर गए और वहां पर मौजूद वार्ड आया को कड़ी ताकीद करते हुए कहा कि मरीज के परिजनों के साथ ऐसा व्यवहार बिलकुल नहीं होना चाहिए, अन्यथा इसकी शिकायत वे अधिकारियों से करेंगे. यह सुनकर वार्ड आया एक बार फिर बिफर पड़ी और चप्पल लेकर सुरक्षा कर्मी को ही मारने के लिए दौड़ा लिया. इतना ही नहीं बल्कि इस दौरान वार्ड आया ने बीरेंद्र को यह धमकी भी दी कि वह उसकी पत्नी को वार्ड से उठाकर बाहर फेंक देगी. वार्ड आया के महिला होने के कारण उससे सीधे उलझने के बजाए प्रसूता के पति बीरेंद्र सीधे अस्पताल चौकी पहुंच गए. जहां पर उन्होंने शिकायती आवेदन देते हुए कार्रवाई की मांग की
