
जबलपुर। उच्चतम न्यायालय के न्यायमूर्ति संजय करोल ने कहा कि संविधान के सजग प्रहरी सदैव प्रयासरत रहते हैं कोई भी व्यक्ति न्याय से वंचित नहीं रहना चाहिए। अंतिम छोर के व्यक्ति को भी न्यायपालिका और अधिवक्ता न्याय दिलाने का भरसक प्रयास करते हैं। वे संविधान के 75 वर्ष उपलक्ष्य में मप्र उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित व्याख्यान में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। व्याख्यान का विषय भारतीय संविधान के विकास एवं प्रवर्तन में बार की भूमिका पर आधारित था। वही चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा ने संविधान की बारीकियों से अवगत कराते हुए बार और बेंच की सशक्त भूमिका पर बल दिया। इस अवसर पर प्रशासनिक न्यायाधीश अतुल श्रीधरन ने कहा कि संवैधानिक व्यवस्थाओं का सर्वप्रथम पालन बार और बेंच को करना चाहिए। एसोसिएशन के अध्यक्ष धन्य कुमार जैन ने कहा कि न्यायाधिपतियों को किसी भी प्रकार की नकारात्मकता से दूर रहकर बार के प्रति सदैव सकारात्मक रवैया रखना चाहिए।
इनका रहा सहयोग
उच्च न्यायालय में आयोजित इस कार्यक्रम में स्टेट बार के चेयरमैन राधेलाल गुप्ता, अध्यक्ष जिला अधिवक्ता संघ मनीष मिश्रा, उच्च न्यायालय बार उपाध्यक्ष अमित जैन, प्रशांत अवस्थी, सह सचिव योगेश सोनी, राजेंद्र प्रताप सिंह, रजनीश उपाध्याय, मनोज कुशवाहा, सपना तिवारी, विनोद मिश्रा, गरिमा तिवारी, रविन्द्र प्रताप सिंह, प्रियंक चंसौरिया, स्मिता केहरी एवं अधिवक्ता गण उपस्थित रहे।
