इंदौर के युवाओं ने बनाए भारतीय सेना के लिए आधुनिक हैकिंग प्रूफ ड्रोन

इंदौर:शहर में एयर डिफेंस, इंडियन आर्मी और नेवी के लिए आधुनिक ड्रोन तैयार किए जा रहे हैं. पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर में उपयोग किए गए प्रदेश की व्यवसायिक राजधानी इंदौर में बने स्वदेशी ड्रोन अब जीरो से माइनस 40 डिग्री के बर्फीले तापमान में 18000 फीट ऊंचाई तक उड़ सकते हैं. इससे भारत ,चीन सीमा की भी निगरानी कर सकेगा. हाल ही में शहर की पिसर्व इनोवेशन एण्ड टेक्नोलॉजी नामक कंपनी ने पहली बार इतनी ऊंचाई तक उड़ सकने वाले ड्रोन विकसित कर लिए हैं, जिनका उपयोग देश की सैन्य सुरक्षा व अन्य क्षेत्र में किया जाएगा.

शहर के युवाओं ने अमेरिका और जापान जैसे टेक्नोलॉजी से लैस देशों को चुनौती देते हुए स्वदेशी ड्रोन तैयार कर दिए हैं. इतना ही नहीं सेना के साथ प्रदेश सरकार के कई विभागों और राष्ट्रीय स्तर की कंपनियों को भी उनकी मांग एवं जरूरत के हिसाब से आधुनिक तकनीक से युक्त ड्रोन ऑर्डर पर बना कर दिया जा रहे हैं. यह काम शहर की पीसर्व इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी कंपनी द्वारा स्टार्टअप में किया जा रहा है. उक्त कंपनी ने अभी हाल ही में ऐसा ड्रोन विकसित किया है, जो हैकिंग प्रूफ होने के साथ रात्रि में भी नाइट मोड में सीमाओं की निगरानी करने में सक्षम है. सेना ने ऐसे 300 ड्रोन का ऑर्डर कंपनी को दिया है.

18 हजार फीट ऊंचाई तक उड़ेगा शहर में तैयार ड्रोन
इजराइल- फिलिस्तीन- ईरान और रूस- यूक्रेन युद्ध के अलावा अन्य युद्ध जैसे हालातों से घिरे देशों में एयर अटैक और डिफेंस सिस्टम के लिए अत्याधुनिक फाइटर और जेट विमान के स्थान पर अब अत्याधुनिक ड्रोन का उपयोग किया जा रहा है. भारतीय सेना भी ड्रोन को सैन्य क्षमता बढ़ाने में मदद ले रही हैं. शहर में बनाए जा रहे ड्रोन अमेरिका, रूस, चीन और फ्रांस जैसे देश की टेक्नोलॉजी के समान आधुनिक और उन्नत हैं. कंपनी ने एक ऐसे आधुनिक ड्रोन को विकसित किया है, जो 18000 फीट की ऊंचाई तक उड़ान भरने में सक्षम है.

भारतीय सेना ने लिए 300 ड्रोन
कंपनी के अभिषेक बताते हैं कि भारतीय सेना ने नभ रक्षक तेजस, तपो और नभ रक्षक वाहक जैसे 300 ड्रोन सेना के ऑपरेशन के लिए हैं. उक्त ड्रोन नाइट विजन कैमरे से लैस होकर रात में भी सीमा की निगरानी करते हैं. ये ड्रोन साइबर हैकिंग के अलावा अन्य टेक्नोलॉजी से भी नियंत्रित नहीं होते है.

अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी से लैस
आधुनिक ड्रोन तैयार करने वाली पीसर्व टेक्नोलॉजी कंपनी अभिषेक मिश्रा, रोशनी मिश्रा और दुर्गेश शुक्ला द्वारा बनाई एक स्टार्टअप कंपनी है. उक्त कंपनी ने अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी से लैस ड्रोन इंडियन आर्मी, इंडियन नेवी, इंडियन एयर फोर्स के अलावा मध्य प्रदेश पुलिस, प्रदेश वन विभाग सहित भारत इलेक्टि्रकल्स जैसी सार्वजनिक कंपनियों को उनकी जरूरत के हिसाब से बनाकर दिए हैं. उक्त ड्रोन की विशेषता यह है कि पूरी तरह से हैकिंग प्रूफ हैं, जो ऑटो पायलट मोड में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए काम करने में सक्षम हैं.

लद्दाख में ड्रोन नभ रक्षक की सफल टेस्टिंग
पूरी तरह से स्वदेशी नभ रक्षक नामक ड्रोन की सफल टेस्टिंग भारत चीन सीमा पर सेना की निगरानी में की गई. नभ रक्षक ड्रोन तैयार करने वाले अभिषेक मिश्रा और दुर्गेश शुक्ला बताते हैं कि ड्रोन टेक्नोलॉजी में अब ऐसे स्वदेशी ड्रोन उनके द्वारा विकसित किए गए हैं, जो उड़ान भरते समय ना तो हैक किए जा सकेंगे, ना ही अन्य किसी देश के जीपीएस सिस्टम से इन्हें कंट्रोल किया जा सकेगा. भारतीय सेना के इशारे पर यह ऑटो पायलट मोड में चलते हुए किसी भी युद्ध ऑपरेशन के अलावा देश की सीमा पर लगातार निगरानी कर सकेंगे.

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