दिल्ली हाट में जैविक कचरे से होगा खाद का निर्माण : केशव चंद्रा

नयी दिल्ली, 29 अगस्त (वार्ता) नयी दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) के अध्यक्ष केशव चंद्र ने जैविक कचरे से खाद निर्माण के लिये शुक्रवार को यहां दिल्ली हाट में एक अत्याधुनिक खाद निर्माण स्थल का उद्घाटन किया ।
इस अवसर पर श्री चंद्रा ने कहा “दिल्ली हाट में एरोबिन कंपोस्टर्स की स्थापना केवल कूड़ा ट्रीटमेंट के बारे में नहीं है बल्कि इसे लेकर भी है कि हम नागरिकों के रूप में अपने पर्यावरण के साथ कैसे जुड़ते हैं। यह पहल दिखाती है कि कैसे सामुदायिक स्तर के समाधान कचरे को धन में बदल सकते हैं, लैंडफिल पर दबाव कम कर सकते हैं और अन्य शहरों के लिए एक मानक भी स्थापित कर सकते हैं। मैं इस प्रयास का नेतृत्व करने के लिए भारतीय प्रदूषण नियंत्रण संघ (आईपीसीए) और मदरसन समूह को बधाई देता हूँ और प्रत्येक नागरिक से स्रोत पर ही कूड़े को अलग अलग करने की आदत का आग्रह करता हूँ, जो एक स्वच्छ और टिकाऊ नई दिल्ली की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम है।”
यह परियोजना नयी दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) के सहयोग से आईपीसीए और मदरसन समूह का एक संयुक्त उद्यम है। केंद्रीयकृत सामुदायिक क्लस्टर (सीसीसी) मॉडल पर डिज़ाइन की गई यह नयी सुविधा 400 लीटर क्षमता वाले 15 एरोबिन कंपोस्टर्स से सुसज्जित है। ये सभी मिलकर दिल्ली हाट क्षेत्र के 25 रेस्टोरेंट से निकलने वाले लगभग 180 किलोग्राम जैविक कचरे (मासिक 5400 किलोग्राम) को प्रतिदिन संसाधित करेंगे और उसे पोषक तत्वों से भरपूर खाद में बदलेंगे, जिससे लैंडफिल में जाने वाले कचरे की मात्रा कम होगी।
आईपीसीए के संस्थापक और निदेशक आशीष जैन ने कहा कि – “हम एनडीएमसी के प्रगतिशील दृष्टिकोण और मदरसन समूह के निरंतर सहयोग के लिए उनके आभारी हैं। एरोबिन तकनीक कॉम्पैक्ट, गंध-मुक्त, बिजली-मुक्त और सामुदायिक स्थानों के लिए अत्यधिक उपयुक्त साधन है। यह दक्षता और पर्यावरण-मित्रता सुनिश्चित करते हुए मैन्युअल हैंडलिंग को समाप्त करती है। प्रोजेक्ट सॉर्ट के माध्यम से, हमारा लक्ष्य शून्य-अपशिष्ट समाज के करीब पहुँचना है।”
एनडीएमसी ने आधिकारिक तौर पर आराधना (बर्मा शेल कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी लिमिटेड) को “अनुपम कॉलोनी” घोषित किया है। यह सम्मान एनडीएमसी की शून्य अपशिष्ट पहल के तहत कूड़ा पृथक्करण, खाद बनाने और पुनर्चक्रण में कॉलोनी के अग्रणी प्रयासों को मान्यता देता है। आराधना कॉलोनी के दौरे के दौरान अधिकारियों ने कॉलोनी के खाद निर्माण स्थल और आरआरआर (रिड्यूस, रीयूज, रीसाइकल) केंद्र का दौरा किया, जो शून्य अपशिष्ट परियोजना का अभिन्न अंग हैं।

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