चेन्नई,28 अगस्त (वार्ता) आगामी घरेलू सत्र 2025-26 के लिए ऑलराउंडर विजय शंकर ने अपने गृह राज्य तमिलनाडु को छोड़ने का फैसला कर लिया है। 34 वर्षीय विजय को इस संबंध में तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन (टीएनसीए) की ओर से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट भी मिल गया है।
बुची बाबू टूर्नामेंट में शंकर ने चेन्नई में हिमाचल प्रदेश के खिलाफ टीएनसीए XI की ओर से खेला था लेकिन ईएसपीएनक्रिकइंफो को पता चला है कि जब उन्हें महाराष्ट्र के खिलाफ दूसरे मैच में बाहर बैठाया गया तो उन्होंने राज्य बदलने का फैसला कर लिया, शंकर ने निरंतर मौकों की तलाश में यह निर्णय लिया है।
2024-25 के घरेलू सत्र में शंकर को रणजी ट्रॉफी में पहले दो मैच खेलने के अवसर मिले और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के अधिकतर मुक़ाबलों में वह प्लेइंग इलेवन से बाहर रहे थे।
इस फैसले के साथ तमिलनाडु के साथ शंकर का 11 वर्षों का कार्यकाल समाप्त हो गया, इस दौरान उन्होंने अपनी अगुवाई में अपने राज्य की टीम को विजय हजारे, देवधर और सैयद मुश्ताक अली ख़िताब जिताने में मदद की थी। दिसंबर 2012 में रणजी ट्रॉफ़ी डेब्यू के बाद उन्होंने मध्य क्रम में एस बद्रीनाथ की जगह भरने का प्रयास किया था और इस दौरान बल्लेबाजी क्रम में उन्हें बी इंद्रजीत का भी भरपूर साथ मिला।
शंकर ने तमिलनाडु के लिए रणजी ट्रॉफी की 81 पारियों में 44.25 की औसत से 3142 रन बनाए जिसमें 11 शतक और 16 अर्धशतक शामिल थे। उन्होंने अपनी मध्यम गति की तेज गेंदबाजी से रणजी ट्रॉफी में 53.93 की औसत से 43 विकेट भी हासिल किए। उनके लिए 2014-15 में रणजी सीजन बेहतरीन बीता जब उन्होंने 11 पारियों में 57.70 की औसत से 577 रन बनाए। इसके बाद उन्हें इंडिया ए में शामिल किया गया और 2019 के वनडे वर्ल्ड कप दल में भी उन्हें वाइल्डकार्ड एंट्री मिली।
2024-25 के रणजी सीजन में उन्होंने सेलम में चंडीगढ़ के खिलाफ 171 गेंदों पर 150 रनों की नाबाद पारी खेली जो कि उनके रणजी करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी भी है।
हालिया समय में शंकर दूसरे ऐसे सीनियर खिलाड़ी हैं जिन्होंने तमिलनाडु छोड़ने का फैसला किया है। शंकर से पहले उनके तमिलनाडु प्रीमियर लीग (टीएनपीएल) के कप्तान बी अपराजित ने 2024-25 के सीजन से पहले केरल का रुख किया था।
शंकर के विकल्प के रूप में तमिलनाडु के पास आर एस अम्ब्रिश हैं जिन्होंने हाल ही में इंग्लैंड में बल्ले और गेंद दोनों के साथ इंडिया अंडर-19 के लिए बेहतरीन प्रदर्शन किया था। 18 वर्षीय अम्ब्रिश एक उभरते हुए फिनिशर हैं और गेंद के साथ वह हार्ड लेंथ हिट कर सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक़ उन्हें बुची बाबू टूर्नामेंट से पहले चेन्नई में स्थित सीएसके अकादमी में ऋतुराज गायकवाड़ को गेंदबाजी करने के लिए बुलाया गया था।
शंकर का जाना नए सीजन से पहले तमिलनाडु के लिए एक और बड़ा झटका है क्योंकि आर साई किशोर हाथ की चोट से रिकवर कर रहे हैं वहीं 2023-24 रणजी ट्रॉफ़ी में तीसरे सर्वाधिक विकेट लेने वाले बाएं हाथ के लेग स्पिन एस अजित राम भी चोटिल हैं।
शंकर का हालिया फ़ॉर्म अच्छा रहा है उन्होंने टीएनपीएल 2025 में नौ पारियों में 50.20 की औसत और 154 के स्ट्राइक रेट से 251 रन बनाए थे। शंकर तमिलनाडु के ख़िलाफ़ पहली बार दिसंबर में सैयद मुश्ताक़ अली ट्रॉफी के दौरान खेलते नजर आएंगे।
एम सेंतिलनाथन के रूप में तमिलनाडु के पास इस सीजन नया कोच होगा, जो कि खुद भी रणजी ट्रॉफी विजेता रहे हैं और वह इस भूमिका में एल बालाजी की जगह लेंगे। पूर्व भारतीय और तमिलनाडु के तेज गेंदबाज टी कुमारन को गेंदबाजी कोच नियुक्त किया गया है। कुमारन यूएसए में कोचिंग सेवाएं देने के बाद आगामी भारतीय घरेलू सीजन से पहले भारत लौटे हैं।
