वेब सीरीज ‘मिर्जापुर’ अब बड़े पर्दे पर धमाका करने के लिए तैयार है। अभिनेत्री श्वेता त्रिपाठी फिल्म में अपने किरदार ‘गोलू गुप्ता’ को लेकर भावुक हुईं।
ओटीटी प्लेटफॉर्म की सबसे सफल फ्रेंचाइजी में से एक ‘मिर्जापुर’ अब बॉक्स ऑफिस पर दस्तक देने जा रही है। दर्शक इस क्राइम ड्रामा का बड़े पर्दे पर बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस बीच सीरीज में ‘गोलू गुप्ता’ का रोल निभाने वाली एक्ट्रेस श्वेता त्रिपाठी ने फिल्म को लेकर अपनी उत्सुकता जाहिर की है।
श्वेता त्रिपाठी ने बताया कि इस फ्रेंचाइजी ने उनके करियर और जीवन को किस तरह बदला है। श्वेता के अनुसार, यह सिर्फ एक प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि उनके दिल के बेहद करीब है। वह एक बार फिर इस अनोखी दुनिया में लौटने और अपने पसंदीदा किरदार को जीने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
बड़े पर्दे पर दिखेगा मिर्जापुर का नया अवतार
अमेजन एमजीएम स्टूडियोज और एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले बन रही फिल्म ‘मिर्जापुर द मूवी’ को लेकर फैंस के बीच भारी उत्साह है। यह फिल्म 4 सितंबर 2026 को दुनिया भर के थियेटर्स में रिलीज होने के लिए पूरी तरह तैयार है।
डायरेक्टर गुरमीत सिंह के निर्देशन और पुनीत कृष्णा के लेखन में बनी यह फिल्म सीरीज के प्रशंसकों को एक बिल्कुल नया और रोमांचक अनुभव देने का वादा करती है। रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर द्वारा निर्मित यह फिल्म ओटीटी प्लेटफॉर्म के बाद अब बड़े पर्दे में भी सफलता के नए कीर्तिमान बनाने की राह पर है।
एक दशक का सफर और फैमिली जैसा जुड़ाव
गोलू गुप्ता उर्फ श्वेता त्रिपाठी ने इस मिर्जापुर के सफर को याद करते हुए कहा कि मिर्जापुर की टीम के साथ काम करते हुए लगभग एक दशक का समय बीतने वाला है। इस शो ने पूरी टीम को पेशेवर सफलता से कहीं बढ़कर बहुत कुछ दिया है।
अभिनेत्री के अनुसार इस सीरीज से उन्होंने सिर्फ पैसा ही नहीं कमाया, बल्कि दर्शकों का बेशुमार प्यार, सम्मान और एक गहरा मानवीय जुड़ाव भी हासिल किया है। इतने सालों तक एक साथ काम करने की वजह से इसके कलाकार और क्रू मेंबर्स अब एक परिवार की तरह बन चुके हैं, जिन्होंने हर सुख-दुख को आपस में शेयर किया है।
श्वेता त्रिपाठी ने खोले मिर्जापुर से जुड़े कई राज
श्वेता ने खुलासा करते हुए कहा कि किया कि मिर्जापुर-2 और मिर्जापुर-3 सीजन की शूटिंग के दौरान वह मानसिक रूप से एक बहुत गहरे और अंधकारमय दौर में चली गई थीं। गोलू गुप्ता के दर्द और बदले की भावना को खुद के भीतर महसूस करना इतना तीव्र था कि उस मानसिक स्थिति से बाहर आने में उन्हें काफी समय लग गया।
