
उज्जैन। महाकाल की नगरी में दोबारा पदस्थ होना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। नगर निगम आयुक्त जब में रहा तो शहर को नजदीक से जाना है, यहां की गलियों में मेने साइकिल चलाई हैं, सभी के साथ तालमेल बनाकर काम किया है। अब सिंहस्थ 2028 जैसे वृहद आयोजन को सफल करना हम सब की सामूहिक जिम्मेदारी है।
यह बात गुरुवार को नवागत कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने मीडिया से चर्चा के दौरान कही। मीडिया ने शहर में चल रहे हैं निर्माण कार्यों से लेकर सिंहस्थ 2028 के संबंध में सवाल पूछे तो उन्होंने एक-एक करके सभी प्रश्नों को नोट किया और यह भी कहा कि कुछ बिंदुओं का रिव्यू करने के बाद आपके साथ जानकारी साझा की जाएगी।
जिलाधीश रोशन कुमार सिंह ने कहा कि 2028 जैसा आयोजन पूर्ण करना हम सब की नैतिक जिम्मेदारी है या शहर हमारा है। नगर निगम आयुक्त जब रहा तो मुझे शहर वासियों ने काफी सपोर्ट किया। मीडिया की भी अच्छी भूमिका रही। अब सभी से यही उम्मीद है कि हम तालमेल बिठाकर समन्वय के साथ कार्य करें जिससे कि महाकुंभ का आयोजन सुलभता से पूर्ण हो सके।
कलेक्टर ने मीडिया के समक्ष कहा कि पुराना शहर हो या नया शहर हो तंग गलियां हो या चौराहे हो सभी का नए सिरे से अवलोकन किया जाएगा। अवैध निर्माण, अतिक्रमण चौड़ीकरण के बिंदुओं पर गौर किया जाएगा, जहां जैसी व्यवस्था बनाई जाना आवश्यक होगी, वो बनाएंगे, शहर का ट्रैफिक दुरुस्त करेंगे। एक सवाल के जवाब में कलेक्टर ने कहा की शहर के ट्रैफिक सुधार की बात हो या हेलमेट अनिवार्य करना हो, इसके लिए जुर्माना पर्याप्त विकल्प नहीं है। ठोस जरूरत है कि आम जनता में जागरूकता हो, इच्छा शक्ति हो और वह हेलमेट लगाकर सडक़ों पर चलें। मुझे लगता है जितने भी पत्रकार यहां पर बैठे हैं। उनमें से शायद ही कोई हेलमेट लगा कर आया होगा। तो जरूरत है कि हम सब दृढ़ इच्छा शक्ति के साथ बदलाव की शुरुआत करें। इंदौर यदि बार-बार नंबर वन आ रहा है तो क्या यह जुर्माने से संभव हुआ है। श्री नागचंद्रेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन के साथ कलेक्टर ने अवलोकन यात्रा प्रारंभ की। इसके पश्चात उन्होंने यात्रियों के आगमन एवं प्रस्थान मार्ग का भी अवलोकन किया। कलेक्टर सिंह ने इसके पश्चात पिंगलेश्वर महादेव मंदिर परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, स्वच्छता एवं चिकित्सा सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा की। साथ ही उन्होंने रेलवे ओवरब्रिज के आसपास के मार्ग को दुरुस्त किए जाने के निर्देश दिए, जिससे आवागमन में किसी प्रकार की बाधा न हो।
