आगर जिले की तीर्थ नर्सरी की आड़ में चल रहा था ड्रग्स का कारोबार

नलखेड़ा। नशे के कारोबार ने जिस खतरनाक स्तर को छू लिया है, उसका खुलासा केंद्रीय नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई में हुआ. आमला क्षेत्र स्थित तीर्थ नर्सरी की आड़ में चल रही एमडी ड्रग्स की अवैध फैक्ट्री पर नारकोटिक्स ने दबिश देकर 10 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की करीब 31 किलो 250 ग्राम एमडी ड्रग्स जब्त की है. यह कार्रवाई जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है.

नारकोटिक्स उज्जैन क्षेत्र के अधीक्षक मुकेश खत्री एवं नीमच व जावरा प्रभारी वीएस कुमार ने बताया कि विभाग को मुखबीर से पुख्ता सूचना मिली थी कि आमला क्षेत्र में एमडी ड्रग्स की बड़ी खेप लेने कोई तस्कर पहुंचने वाला है. इसी आधार पर नारकोटिक्स की विशेष टीम ने तडक़े से ही तीर्थ नर्सरी की चारों ओर से घेराबंदी कर दी. कई घंटों तक इंतजार के बावजूद जब कोई संदिग्ध मौके पर नहीं पहुंचा, तो टीम ने नर्सरी परिसर के भीतर छापा मारने की कार्रवाई की. छापे के दौरान जो सामने आया, उसने अधिकारियों को भी चौंका दिया. नर्सरी परिसर के भीतर एमडी ड्रग्स बनाने की पूरी गुप्त लेब संचालित हो रही थी. मौके से भारी मात्रा में तैयार एमडी ड्रग्स के साथ-साथ करीब 600 किलो खतरनाक केमिकल भी बरामद किए गए. जब्त रसायनों में एमडीसी, एमएमए, सोडियम कार्बोनेट, ट्रायथाइलामाइन, सोडियम एस सहित अन्य रसायन शामिल हैं, जिनका इस्तेमाल एमडी ड्रग्स निर्माण में किया जाता है.

अवैध लेब को नष्ट कर दिया

इसके अलावा ड्रग्स बनाने में प्रयुक्त मशीनें, उपकरण और अन्य तकनीकी सामग्री भी जब्त की गई है. नारकोटिक्स टीम ने मौके पर ही अवैध लेब को नष्ट कर दिया, ताकि भविष्य में यहां दोबारा ड्रग्स निर्माण न हो सके. अधिकारियों के अनुसार जब्त एमडी ड्रग्स की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 50 करोड़ रुपए से अधिक आंकी जा रही है.

 

स्थानीय पुलिस को भनक तक नहीं लगी…

 

यह मामला इसलिए भी गंभीर है, क्योंकि जिले में इतने बड़े पैमाने पर ड्रग्स का कारोबार चल रहा था और स्थानीय पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी. करोड़ों रुपए की ड्रग्स फैक्ट्री का नर्सरी की आड़ में संचालन होना, जिले की कानून व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर बड़ा सवाल खड़ा करता है. जानकारों का मानना है कि आगर मालवा जिला अब धीरे-धीरे ड्रग्स तस्करी के नए हब के रूप में उभरता जा रहा है.

 

मामले में हो सकती है गिरफ्तारियां…

 

फिलहाल इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन नारकोटिक्स विभाग का कहना है कि जांच के दौरान कुछ संदिग्ध लोगों की संलिप्तता के अहम साक्ष्य मिले हैं. ड्रग्स के नेटवर्क, सप्लाय चैन और इसके पीछे सक्रिय माफिया की पहचान की जा रही है. अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं.

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