सतना: कृषि विस्तार अधिकारियों ने सार्थक ऐप के माध्यम से अनिवार्य ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने के आदेश का विरोध करते हुए मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।जिले के कृषि विस्तार अधिकारी सार्थक ऐप के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने की व्यवस्था के विरोध में एकजुट हो गए हैं। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर इस व्यवस्था को समाप्त करने की मांग की है।
ज्ञापन में अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश सरकार वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है और कृषि विस्तार अधिकारी किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने वाली विभाग की अंतिम कड़ी हैं। इसके बावजूद उन्हें सार्थक ऐप के जरिए तय समय पर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने के लिए बाध्य किया जा रहा है, जिससे मैदानी कार्य प्रभावित हो रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि विभाग में बड़ी संख्या में महिला कृषि विस्तार अधिकारी कार्यरत हैं। एक-एक अधिकारी के पास 2 से 6 केंद्रों और 40 से 50 गांवों की जिम्मेदारी है, जबकि अधिकांश केंद्रों पर शासकीय आवास और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। कृषि विभाग के कार्यों के साथ-साथ उन्हें समर्थन मूल्य खरीदी, खाद वितरण, बीएलओ और एसआईआर सर्वे जैसे अतिरिक्त दायित्व भी निभाने पड़ते हैं। किसानों के बीच मैदानी कार्य के कारण उनका कोई निश्चित कार्य समय नहीं होता, जिससे विशेषकर महिला अधिकारियों के लिए सार्थक ऐप पर समयबद्ध उपस्थिति दर्ज कराना कठिन हो जाता है। अधिकारियों ने कहा कि उनकी मेहनत से ही प्रदेश लगातार कृषि कर्मण पुरस्कार हासिल कर रहा है।
