
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट के जस्टिस बीपी शर्मा की एकलपीठ ने एक याचिका का इस निर्देश के साथ निराकरण कर दिया कि पुलिस अधीक्षक, दमोह व टीआई दमोह देहात शिकायत पर दो माह के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करें।
दरअसल याचिकाकर्ता दमोह निवासी अधिवक्ता रामनारायण गर्ग की ओर से दलील दी गई कि याचिकाकर्ता जिला अदालत दमोह में वकालत करता है। एक रोज जब वह कोर्ट गया था, तभी घर पर चोरी हो गई। जिसके बाद थाने में अज्ञात आरोपितों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई। इसके बावजूद अब तक संबंधित जांच अधिकारी ने चोरी की रकम बरामद नहीं की है। मामले की ठीक से जांच नहीं की जा रही है। राहत चाही गई कि पुलिस अधिकारियों को मामले में कार्रवाई करने और निष्पक्ष जांच करने का निर्देश दिए जाएं। कोर्ट आने से पूर्व एसपी व टीआई को अभ्यावेदन दिया गया था। जिसे गंभीरता से नहीं लिया गया।
