भुवनेश्वर (वार्ता) ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजातियों के कल्याण पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन 29 और 30 अगस्त को आयोजित किया जायेगा।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला 29 अगस्त को सम्मेलन और प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे और इस अवसर पर एक स्मारिका का विमोचन करेंगे। सम्मेलन में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के विधानसभाओं के 120 से अधिक प्रतिनिधियों के भाग लेने की उम्मीद है।
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी , केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओरांव , केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान , राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति कल्याण संसदीय समिति के अध्यक्ष डॉ. फग्गन सिंह कुलस्ते उदटन सत्र को संबोधित करेंगे। ओडिशा विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी स्वागत भाषण देंगे। सम्मेलन में राज्य के मंत्री और विधायकगण शामिल होंगे।
“अनुसूचित जातियों और जनजातियों के कल्याण, विकास और सशक्तिकरण में संसदीय और विधानमंडल समितियों की भूमिका” विषय पर आयोजित इस सम्मेलन में संवैधानिक सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ करने, सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के सशक्तिकरण हेतु सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
यह सम्मेलन 2047 तक समावेशी विकसित भारत के निर्माण के उद्देश्य से कल्याणकारी नीतियों के कार्यान्वयन में जवाबदेही सुनिश्चित करने में संसदीय और राज्य विधानमंडल समितियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर ज़ोर देगा।
सम्मेलन के दूसरे दिन 30 अगस्त को ओडिशा के राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कंभमपति समापन सत्र को संबोधित करेंगे।
यह पहली बार है जब राष्ट्रीय सम्मेलन नयी दिल्ली के बाहर आयोजित किया जा रहा है। उद्घाटन सम्मेलन 1976 में आयोजित किया गया था, जिसके बाद 1979, 1983, 1987 और 2001 में इसके और संस्करण आयोजित किए गए, जिनमें अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के कल्याण और संवैधानिक सुरक्षा उपायों पर चर्चा की गयी थी।
