जबलपुर: शहपुरा तहसील के ग्रीष्मकालीन मूंग-उड़द खरीदी केंद्र 64 एमएलटी वेयरहाउस मजीठा में अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने विस्तृत जांच शुरू कर दी है। उप संचालक कृषि डॉ. एस.के. निगम ने बताया कि जांच के लिए आयोजित कैंप के दूसरे दिन 170 किसानों के दस्तावेज और बयान लिए गए, जबकि पहले दिन 382 किसानों ने दस्तावेज जमा किए थे।
इस प्रकार कुल 552 किसानों ने खरीदी और आपत्ति संबंधी कागजात प्रस्तुत किए हैं। कलेक्टर दीपक सक्सेना के निर्देशानुसार 25 और 26 अगस्त को किसानों के आधार कार्ड, पंजीयन प्रति, माल बिक्री पावती, स्लॉट पर्ची, खसरा, बी-1 और सिकमीनामा सहित सभी दस्तावेजों का मिलान किया जा रहा है।
बताया गया कि खरीदी के दौरान बसेड़ी समिति द्वारा फर्जी एंट्री की गई, जिसमें कई किसानों के नाम पर बिना फसल बेचे ही खरीदी दर्शा दी गई। जांच में लगभग 1600 क्विंटल मूंग और 300 क्विंटल उड़द की फर्जी प्रविष्टि सामने आई, जिसकी अनुमानित कीमत डेढ़ करोड़ रुपए से अधिक बताई जा रही है। अब इन सभी दस्तावेजों के आधार पर असली और फर्जी खरीदी की पुष्टि की जाएगी तथा दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
