ग्वालियर: प्रेम विवाह का विरोध और बदले की भावना… इसी ने ग्वालियर में एक दिल दहला देने वाली वारदात को जन्म दिया। लड़की को भगाने में मदद करने वाले गर्गाचार्य शास्त्री की हत्या को परिजनों ने रोड एक्सीडेंट का रूप दिया। मगर ग्वालियर पुलिस की गहन जांच में सच सामने आ गया और षड्यंत्रकारी एक-एक कर पकड़े जाने लगे। पुलिस ने फरार चल रहे तीन और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
थाना प्रभारी बिलौआ इला टंडन ने बताया कि 4 मार्च को फरियादी लोकमन शर्मा ने थाना बिलौआ में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके छोटे भाई गर्गाचार्य शास्त्री की मौत हाईवे पर वाहन की टक्कर से हो गई। शुरुआत में मामला सड़क दुर्घटना का लगा, लेकिन जांच आगे बढ़ी तो परत-दर-परत साजिश का खुलासा हुआ। दरअसल, गर्गाचार्य अपने साले कुलदीप शर्मा को प्रेम विवाह कराने और लड़की को भगाने में सहयोग कर रहे थे। यही बात लड़की के परिजनों को नागवार गुज़री और उन्होंने गर्गाचार्य को निशाना बनाकर सुनियोजित तरीके से हत्या कर दी।
जौरासी चौकी प्रभारी पूनम कटारे के मुताबिक बिलौआ थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच ने जांच की। तकनीकी साक्ष्यों और गोपनीय सूचना के आधार पर पहले नितेश उर्फ निक्की रावत, फिर कमल रावत और सत्येन्द्र रावत को गिरफ्तार किया गया। 23 अगस्त को दो और इनामी आरोपी पकड़े गए थे। इसके बाद चौकी प्रभारी पूनम कटारे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने समुदन स्थित मिश्रा फार्म के पास दबिश देकर तीन और फरार आरोपियों को धर दबोचा।
गिरफ्तार आरोपी- प्रहलाद रावत, निवासी इटायल, रामनिवास रावत, निवासी इटायल, थाना डबरा देहात सूरज रावत, निवासी पचोखरा, थाना गोराघाट, जिला दतिया। इन तीनों ने पूछताछ में साजिश में शामिल होने की बात कबूल की है। घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। इस वारदात में अब तक कुल आठ आरोपी पुलिस गिरफ्त में आ चुके हैं। सभी पर दो-दो हजार रुपये का इनाम घोषित था।
