चिकित्सा शिक्षा के संयुक्त निदेशकों के पदों पर प्रमोशन की प्रक्रिया पूरी करे सरकार : उच्च न्यायालय

लखनऊ 25 अगस्त (वार्ता) इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि चिकित्सा शिक्षा विभाग के संयुक्त निदेशकों के पदों पर कार्यवाहक व्यवस्था के बजाए नियमित प्रमोशन की प्रक्रिया जल्द पूरी करे। न्यायमूर्ति मनीष माथुर की एकल पीठ ने यह आदेश डा रितेश कुमार राय की याचिका को खारिज करके दिया। याची ने संयुक्त निदेशक के चयन के परिणाम को चुनौती देकर खुद को संयुक्त निदेशक पद पर नियुक्त करने के निर्देश देने का आग्रह किया था।

याची का कहना था कि बीती 30 मई को संयुक्त निदेशक के चयन का जो परिणाम जारी किया गया वह गैर कानूनी था। इसपर कोर्ट ने चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिवक्ता से जानकारी मांगी थी। इसपर, चिकित्सा शिक्षा विभाग के महानिदेशक के अधिवक्ता सैय्यद मोहम्मद हैदर रिजवी ने कोर्ट को बताया कि संयुक्त निदेशक चिकित्सा शिक्षा पद पर सिर्फ कार्यवाहक आधार पर तैनाती की गई थी। जो, न तो सीधी भर्ती थी, न ही तदर्थ प्रमोशन।

उन्होने कहा कि इस पद पर नियमित भर्ती की प्रक्रिया शुरू की गई थी, जो प्रशासनिक वजहों से अभी लंबित है। इस तर्क का याची के अधिवक्ता ने विरोध किया। कोर्ट ने सुनवाई के बाद कहा कि ऐसे में अभी यह मामला दखल देने योग्य नहीं है। हालांकि, कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि चिकित्सा शिक्षा विभाग के संयुक्त निदेशकों के पदों पर कार्यवाहक व्यवस्था के बजाए नियमित प्रमोशन की प्रक्रिया जल्द पूरी करे। इस निर्देश के साथ अदालत ने याचिका खारिज कर दी।

 

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