नयी दिल्ली 22 अगस्त (वार्ता) उच्चतम न्यायालय ने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एक कॉलेज की संबद्धता हासिल करने के मामले में कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश पर शुक्रवार को रोक लगा दी।
न्यायमूर्ति जे के माहेश्वरी और न्यायमूर्ति विजय बिश्नोई की पीठ ने इंदिरा प्रियदर्शनी कॉलेज की याचिका पर यह आदेश पारित करते हुए संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया।
पीठ ने नोटिस जारी करते हुए कहा, “इस बीच उच्च न्यायालय के उस आदेश के पैरा 13 में दिए गए निर्देश के अनुसार आगे की कार्रवाई स्थगित रहेगी।”
उच्च न्यायालय के संबंधित आदेश में इसी पैरा में मसूद और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया गया था।
विधायक मसूद इंदिरा प्रियदर्शनी कॉलेज का संचालन करने वाली अमन एजुकेशन सोसाइटी के सचिव हैं। उनके खिलाफ कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के सहारे कॉलेज की संबद्धता हासिल करने और उसे जारी रखने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया गया था।
