
औबेदुल्लागंज। नेशनल हाईवे-45 आज शुक्रवार को अचानक ठप हो गया, जब गौसेवकों ने दुर्घटना में मरी हुई गायों को सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया। विरोध तीन घंटे तक चला, जिससे यातायात पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। मौके पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे, लेकिन गौसेवक अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे।
गौसेवकों का आरोप था कि सड़कों पर लगातार आवारा मवेशियों की मौत हो रही है, पर प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर ध्यान नहीं दे रहा। उनकी मांग थी कि स्थायी गौशाला का निर्माण कराया जाए और आवारा पशुओं के लिए भोजन-पानी की सुरक्षित व्यवस्था की जाए।
करीब दो घंटे तक चले तनावपूर्ण माहौल के बाद अनुविभागीय अधिकारी चंद्रशेखर श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे और आश्वासन दिया कि गौशाला निर्माण और मवेशियों की देखभाल को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके बाद गौसेवकों ने जाम समाप्त कर दिया, लेकिन चेतावनी दी कि वादे पूरे न होने पर आंदोलन फिर शुरू किया जाएगा।
इधर, औबेदुल्लागंज जनपद पंचायत द्वारा लाखों की लागत से बनी कई गौशालाएं देखरेख के अभाव में खंडहर बन चुकी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कागजों में योजनाएं चल रही हैं, मगर जमीनी स्तर पर नतीजे शून्य हैं। रोजाना सड़क पर मरते मवेशी प्रशासन की लापरवाही का सबूत पेश कर रहे हैं।
