भोपाल में खुले हाईकोर्ट की बेंच या फिर इंदौर खंडपीठ से जुड़े क्षेत्राधिकार

भोपाल। राजधानी भोपाल में लंबे समय से हाईकोर्ट की बेंच स्थापित करने की मांग चल रही है, लेकिन यदि यह संभव नहीं हो पाता तो यहां के लोगों को इंदौर खंडपीठ से जोड़कर राहत दी जा सकती है। सांसद आलोक शर्मा ने शुक्रवार को केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल से मुलाकात के दौरान यह सुझाव दिया।

शर्मा ने कहा कि फिलहाल भोपाल जिले का न्यायिक क्षेत्र जबलपुर से जुड़ा है, जिससे आम जनता और सरकारी कर्मचारियों को हर प्रकरण की सुनवाई के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। इससे न केवल समय और धन की बर्बादी होती है बल्कि सरकारी खजाने पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ता है।

उन्होंने मांग रखी कि यदि भोपाल में खंडपीठ स्थापित करने में बाधाएं हैं तो न्यायिक क्षेत्राधिकार इंदौर से जोड़ दिया जाए। इंदौर की दूरी अपेक्षाकृत कम है और लोग सुबह जाकर शाम तक वापसी कर सकते हैं।

वकीलों और बार एसोसिएशन ने भी पहले कई बार यह मुद्दा उठाया है। उनका कहना है कि इंदौर खंडपीठ से जुड़ने पर पैरवी के लिए जबलपुर जाने की जरूरत नहीं रहेगी और जनता को सस्ता व त्वरित न्याय मिल सकेगा।

सांसद शर्मा ने अपने पत्र में जोर दिया कि यह कदम भोपाल की जनता के लिए बड़ी राहत साबित होगा और सरकार के सस्ता और सुलभ न्याय के संकल्प को भी साकार करेगा।

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