
रायसेन। मरीजों और प्रसूताओं को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही 108 और जननी एम्बुलेंस सेवा जिले में बदहाल स्थिति में पहुंच गई है। मेंटेनेंस और जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के कारण कई वाहन बार-बार खराब हो रहे हैं। स्थिति इतनी खराब है कि नकतरा में एक एम्बुलेंस को नागरिकों ने धक्का लगाकर चालू कराया, जबकि बाड़ी क्षेत्र में एक एम्बुलेंस खुद मरम्मत और इलाज का इंतजार करती खड़ी रही।
जानकारी के अनुसार जिले में लगभग 118 वाहन संचालित हैं, जिनमें कई ऑफ-रोड और खराब हालत में पड़े हुए हैं। कई एम्बुलेंस में एसी, लाइफ सपोर्ट सिस्टम और अन्य जरूरी उपकरण महीनों से बंद पड़े हैं। कुछ वाहनों की सर्विसिंग तय समय से कहीं ज्यादा किलोमीटर चलने के बाद भी नहीं की गई।
खराब हालत के कारण ये एम्बुलेंसें हादसों का भी शिकार हो रही हैं। देवनगर, सलामतपुर और ओबेदुल्लागंज क्षेत्रों में कई बार तेज रफ्तार या चालक की लापरवाही से दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें मरीजों और चालकों की मौत भी हुई है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एचएन मांडरे ने मीडिया द्वारा मामला सामने आने पर चिंता जताई और कहा कि नोडल अधिकारी व बीएमओ से जानकारी लेकर जरूरत पड़ने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह जरूरी सेवा पूरी तरह सवालों के घेरे में है और लोगों की जिंदगी भगवान भरोसे चल रही है।
