भारत और चीन सीमा पर शांति, सीमा व्यापार खोलने और सीधी उडान सेवा की बहाली पर सहमत हुए

नयी दिल्ली (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की इस महीने के अंत में होने वाली चीन यात्रा से पहले भारत और चीन ने सीमा क्षेत्रों में शांति एवं सौहार्द बनाए रखने के महत्व पर बल देते हुए द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने के लिए सीमा पर शांति बनाये रखने, सीमा पार व्यापार को फिर से खोलने, दोनों देशों के बीच सीधी उडान सेवा बहाल करने तथा सीमा संंबंधी विवादों के समाधान के लिए निष्पक्ष, उचित और पारस्परिक रूप से स्वीकार्य ढाँचे की दिशा में काम करने पर सहमति व्यक्त की है।

विदेश मंत्रालय ने मंगलवार देर रात बताया कि चीन के विदेश मंत्री वांग यी की दो दिन की भारत यात्रा के दौरान विशेष प्रतिनिधि स्तर की वार्ता और विदेश मंत्रियों की द्विपक्षीय वार्ता के दौरान दोनों देशों के बीच अनेक मुद्दों पर सहमति बनी।

विदेश मंत्रियों की बैठक में दोनों पक्षों ने तीन निर्दिष्ट व्यापारिक बिन्दुओं लिपुलेख दर्रा, शिपकी ला दर्रा और नाथू ला दर्रा, के माध्यम से सीमा व्यापार को फिर से खोलने पर सहमति व्यक्त की। दोनों पक्ष ठोस उपायों के माध्यम से दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश प्रवाह को सुगम बनाने पर सहमत हुए।

इसके अलावा दोनों पक्ष मैत्रीपूर्ण परामर्श के माध्यम से सीमावर्ती क्षेत्रों में संयुक्त रूप से शांति और सौहार्द बनाए रखने पर सहमत हुए। दोनों पक्ष बहुपक्षवाद को बनाए रखने, प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर संवाद बढ़ाने, विश्व व्यापार संगठन को केंद्र में रखते हुए एक नियम-आधारित बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली बनाए रखने और एक बहुध्रुवीय विश्व को बढ़ावा देने पर सहमत हुए, जो विकासशील देशों के हितों की रक्षा करता है।

दोनों देश जल्द से जल्द चीन और भारत के बीच सीधी उड़ान सेवा फिर से शुरू करने और एक अद्यतन हवाई सेवा समझौते को अंतिम रूप देने पर सहमत हुए। उन्होंने दोनों के पर्यटकों, व्यवसायों, मीडिया और अन्य आगंतुकों के लिए वीज़ा सुविधा पर भी सहमति व्यक्त की।

दोनों पक्षों ने सीमा पार नदियों के सहयोग पर विचारों का आदान-प्रदान किया और सीमा पार नदियों पर भारत-चीन विशेषज्ञ स्तरीय तंत्र की भूमिका को पूर्ण रूप से निभाने और संबंधित समझौता ज्ञापनों के नवीनीकरण पर संवाद बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की। चीन ने मानवीय आधार पर आपातकालीन स्थितियों के दौरान जल विज्ञान संबंधी जानकारी साझा करने पर भी सहमति व्यक्त की।

दोनों पक्षों ने 2026 से चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में कैलाश पर्वत/गंग रेनपोछे और मानसरोवर झील/मापम युन त्सो की भारतीय तीर्थयात्रा को जारी रखने और उसके पैमाने का और विस्तार करने पर भी सहमति व्यक्त की।

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और श्री वांग के बीच मंगलवार को यहां हुई विशेष प्रतिनिधि स्तर की 24 वें दौर की वार्ता में दोनों देशों ने वर्ष 2005 में हस्ताक्षरित भारत-चीन सीमा से संबंधित मुद्दों के समाधान के लिए राजनीतिक मानदण्डों एवं मार्गदर्शक सिद्धांतों पर समझौते के अनुसार मुद्दों के समाधान के लिए एक निष्पक्ष, उचित और पारस्परिक रूप से स्वीकार्य ढाँचे की तलाश करते हुए समग्र द्विपक्षीय संबंधों के राजनीतिक परिप्रेक्ष्य को अपनाने की आवश्यकता पर सहमति जतायी।

उन्होंंने सीमा क्षेत्रों में सीमा परिसीमन में सफलता की संभावना तलाशने के लिए भारत-चीन सीमा मामलों पर परामर्श एवं समन्वय हेतु कार्य तंत्र के अंतर्गत एक विशेषज्ञ समूह का गठन करने पर भी सहमति व्यक्त की।

वे भारत-चीन सीमा क्षेत्रों में शांति एवं सौहार्द बनाए रखने हेतु प्रभावी सीमा प्रबंधन को आगे बढ़ाने हेतु पहले के कार्यतंत्र के अंतर्गत एक कार्य समूह का गठन पर भी सहमत हुए।

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