वाशिंगटन, 19 अगस्त (वार्ता) राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने यूक्रेन की सुरक्षा गारंटी लेने का संकेत देते हुए कहा है कि अमेरिका यूक्रेन की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करेगा।
श्री ट्रम्प ने यहां अमेरिका, यूरोपीय देशों और यूक्रेन के बीच चल रही बातचीत में यह संकेत दिया है। बातचीत से उत्साहित अमेरिकी राष्ट्रपति ने रूस और यूक्रेन के बीच द्विपक्षीय वार्ता की व्यवस्था करने के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन को इस बातचीत के दौरान ही फोन किया और आशा व्यक्त कि अब अगली बैठक यूक्रेन, रूस और अमेरिका की त्रिपक्षीय बैठक के रूप में हो सकती है।
अमेरिकी सुरक्षा गारंटी को लेकर भले ही संकेत मिले हों लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि ये वार्ता किस रूप में होंगी और इनमें विदेशी सैनिकों की तैनाती, संयुक्त हवाई और समुद्री गश्त, खुफिया जानकारी साझा करना या सैन्य सहायता शामिल हो सकती है।
अमेरिका, यूरोपीय देशों और यूक्रेन के बीच चल रही बातचीत से उत्साहित यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने कहा है कि वह रूसी राष्ट्रपति पुतिन के साथ द्विपक्षीय वार्ता के लिए तैयार हैं। श्री जेलेंस्की ने कहा कि व्हाइट हाउस में हुई यह वार्ता अब तक की सबसे अच्छी वार्ता रही है और वह “पुतिन के साथ द्विपक्षीय वार्ता के लिए तैयार” हैं।
श्री ट्रंप ने युद्ध समाप्त करने के लिए आगे की बातचीत से पहले किसी तरह के युद्धविराम की आवश्यकता को खारिज कर दिया, जिसका यूरोपीय नेताओं ने विरोध किया। बैठक में आए जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने कहा, “मैं कल्पना भी नहीं कर सकता कि अगली बैठक युद्धविराम के बिना होगी।” उन्होंने कहा कि हमें रूस पर दबाव बनाने की कोशिश करनी होगी।
व्हाइट हाउस में मौजूद ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने कहा कि वह आज की बैठक के परिणाम से “बहुत प्रसन्न” हैं, जिसने नेताओं के बीच “एकता की सच्ची भावना” को प्रदर्शित किया। उन्होंने जोर देकर कहा, “यूक्रेन के बारे में कोई भी निर्णय उसके बिना नहीं लिया जाना चाहिए।”
फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी युद्धविराम के लिए श्री मर्ज़ की टिप्पणियों को दोहराया लेकिन यह भी कहा कि यूरोपीय सैन्य बलों को “ज़मीनी स्तर पर” यूक्रेन की मदद करनी चाहिए।
फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने हालांकि जरा तल्खी से कहा कि यूक्रेन की सुरक्षा गारंटी में अमेरिका की भागीदारी के बारे में ‘कुछ भी ठोस’ नहीं है। श्री जेलेंस्की और श्री पुतिन के बीच द्विपक्षीय बैठक के बारे में उन्होंने कहा कि रूसी नेता पर “भरोसा नहीं किया जा सकता।”
इतालवी प्रधानमंत्री मेलोनी ने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण सवालों में से एक यह है कि “यह कैसे सुनिश्चित किया जाए कि ऐसा दोबारा न हो, जो हर तरह की शांति की पूर्व शर्त है।”
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने रूस द्वारा अपहृत यूक्रेनी बच्चों की वापसी का आह्वान दोहराया।
नाटो महासचिव मार्क रूट ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प को एक “व्यावहारिक शांतिदूत” बताया और कहा कि अगले कुछ दिनों में दोनों नेता सुरक्षा गारंटी पर काम करेंगे।
