नयी दिल्ली, 19 अगस्त (वार्ता) टाटा समूह की विमान सेवा कंपनी एयर इंडिया ने हरित विमान ईंधन (एसएएफ) की आपूर्ति के लिए मंगलवार को देश की सबसे बड़ी तेल विपणन कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किये।
एयरलाइंस ने इसे “भारतीय विमानन के हरित भविष्य की दिशा में एक बड़ा कदम” बताते हुये कहा कि इस एमओयू के तहत एयर इंडिया और आईओसीएल ने विमानन क्षेत्र में कम कार्बन वाले ईंधन को बढ़ावा देने, वैश्विक स्तर पर कार्बन उत्सर्जन कम करने के लक्ष्यों का समर्थन करने और अधिक टिकाऊ हवाई परिवहन संचालन की दिशा में योगदान देने के लिए अपनी साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित किया है।
वर्ष 2050 तक नेट जीरो लक्ष्य को प्राप्त करने की अपनी व्यापक रणनीति के हिस्से के रूप में एयर इंडिया परिचालन दक्षता, कम कार्बन उत्सर्जन और अब एसएएफ में सक्रिय रूप से पहल कर रही है। यह करार कंपनी के हरित विमानन पोर्टफोलियो के विस्तार में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इंडियन ऑयल के कार्यकारी निदेशक (विमानन) शैलेश धर और एयर इंडिया के समूह प्रमुख (जीआरसी एवं कॉर्पोरेट मामले) पी. बालाजी ने इंडियन ऑयल के अध्यक्ष ए.एस. साहनी और एयर इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कैंपबेल विल्सन तथा अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये।
श्री साहनी ने कहा, “एयर इंडिया के साथ इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हरित विमानन की ओर देश के संक्रमण की दिशा में एक रणनीतिक कदम है। पानीपत से प्राप्त एसएएफ के साथ इंडियन ऑयल एक ऐसा सतत ईंधन समाधान प्रदान करने के लिए तैयार है जो हवाई यात्रा को कार्बन-मुक्त बनाने में मदद करेगा। देश की प्रमुख विमान सेवा कंपनी के साथ साझेदारी करके हम राष्ट्रीय विकास को वैश्विक जलवायु लक्ष्यों के साथ जोड़ रहे हैं और उद्योग के लिए एक मानक स्थापित कर रहे हैं।”
श्री विल्सन ने कहा कि इंडियन ऑयल के साथ इस समझौता ज्ञापन के माध्यम से एयर इंडिया विमानन क्षेत्र में सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए सरकार की पहलों का समर्थन करने और वर्ष 2050 तक शुद्ध रूप से शून्य कार्बन उत्सर्जन से लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अपने स्वयं से हरित लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।”
उल्लेखनीय है कि एयर इंडिया ने बेड़ा नवीनीकरण योजना में 570 नये विमानों का ऑर्डर दिया है। यह एमओयू उसे दुनिया में सबसे कम कार्बन उत्सर्जन करने वाले बेड़े में से एक का संचालन करने में सक्षम बनायेगा।
पिछले कुछ वर्षों में एयर इंडिया ने कई पर्यावरण-अनुकूल कदम उठाये हैं जिसमें एकल-उपयोग वाले प्लास्टिक को कम करना और कटलरी तथा बर्तनों के लिए हल्की सामग्री का उपयोग करना शामिल है।

