नयी दिल्ली, 16 अगस्त (वार्ता) चालू वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2025) में भारत से इलेक्ट्रानिक वस्तुओं का निर्यात 2024-25 की इसी तिमाही की तुलना में 47 प्रतिशत से अधिक रहा। इस क्षेत्र के निर्यात में जुलाई में भी उल्लेखनीय तेजी देखी गयी।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को एक बयान में इस सफलता को देश में विनिर्माण को प्रोत्साहित करने के सरकार के ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम की ‘एक सुखद कहानी’ बताया।
श्री गोयल ने कहा, “ इस कार्यकम के प्रभाव से एक दशक में हमारा इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन अभूतपूर्व गति से 2024-25 में133 अरब डॉलर तक पहुंच गया है जो 2014-15 में 31 अरब डॉलर से की अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। ”
वाणिज्य मंत्री ने कहा, “ हमारी सरकार ने विनिर्माण क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई प्रयास किये हैं। परिणामस्वरूप, 2014 में हमारे पास केवल दो मोबाइल फोन विनिर्माण इकाइयां थीं, जो आज बढ़कर 300 से अधिक हो गयी हैं। एक मोबाइल फोन आयातक से दुनिया के दूसरे सबसे बड़े मोबाइल फोन निर्माता बनने तक का हमारा सबसे बड़ा सफर रहा है।”
उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के विस्तार ने सौर मॉड्यूल, नेटवर्किंग उपकरण, चार्जर एडाप्टर और इलेक्ट्रॉनिक पुर्जों की विनिर्माण सुविधाओं के विस्तार के साथ बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा किये हैं।
पिछले सप्ताह जारी मासिक आकड़ों के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं का निर्यात जुलाई 2024 के 2.81 अरब डॉलर की तुलना में जुलाई 2025 में 33.89 अरब बढ़कर 3.77 अरब डॉलर हो गया।
