बालमपुर घाटी में एक साल में हुए हैं सौ से अधिक हादसे

सलामतपुर। भोपाल-विदिशा स्टेट हाईवे-18 पर स्थित बालमपुर घाटी को अब हादसों की घाटी भी कहा जाने लगा है, क्योंकि यहां पर आए दिन ट्रक रिवर्स होकर या टकराकर खाई में गिरते रहते हैं. घाटी पर दुर्घटनाएं होने का कारण अधिक चढ़ाई और अंधा मोड़ होना बताया जा रहा है. जिसकी वजह से खालमपुर पर आए दिन हादसे होते हैं, जिससे स्थानीय लोग लगातार सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने की मांग कर रहे हैं. लेकिन जिम्मेदार एमपीआरडीसी विभाग यहां पर सुरक्षा के कोई इंतेजाम नहीं कर रहा है.

ट्रक ड्रायवरों ने कहा है कि प्रतिदिन सलामतपुर से भोपाल मोटरसाइकिल से अपडाउन करता हूँ. अब तो हाइवे 18 पर सफर करने में डर लगने लगा है. सड़क पर वाहन अंधी रफ्तार से चल रहे हैं. इनकी गति पर पुलिस व यातायात विभाग का नियंत्रण नहीं है. जिसकी वजह से प्रतिदिन सड़क हादसे हो रहे हैं. जिम्मेदार एमपीआरडीसी व पुलिस विभाग को इन तेज रफ्तार वाहनों पर कार्रवाई करनी चाहिए. अब तो बालमपुर घाटी से होकर भोपाल जाने में जान का खतरा लगा रहता है कि कहीं कोई दुर्घटना ना हो जाए.

साजिद खान, स्थानीय निवासी सलामतपुर

स्टेट हाइवे 18 पर यातायात का अत्यधिक दबाव है. पर अंधा मोड़ होने की वजह से भी दुर्घटनाएं हो रही हैं. यहां पर सुरक्षा की दृष्टि से कोई भी संकेतक बोर्ड नही लगाए है. इसीलिए यहां पर आए दिन हादसे बढ़ रहे हैं. इस हाइवे को शीघ्र ही 4 लाईन किया जाए. लोग तो अब इस सड़क को खूनी सड़क भी कहने लगे हैं.

रघुवीर सिंह मीणा, सरपंच रातातलाई

अगर शीघ्र ही इस और ध्यान नहीं दिया तो उनके द्वारा आंदोलन किया जाएगा, भोपाल-विदिशा स्टेट हाइवे 18 की बालमपुर घाटी पर भी सप्ताह में एक दो हादसे हो रहे हैं. जिसमें कई वाहन चालक अपनी जान गवां चुके हैं. और कई लोग घायल भी हो चुके हैं.

 

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