एंकोरेज, 15 अगस्त (वार्ता) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार देर रात अलास्का के संयुक्त बेस एल्मेंडॉर्फ-रिचर्डसन में अपनी बहुप्रतीक्षित शिखर बैठक शुरू की, जिसमें यूक्रेन में युद्ध समापत करने का मुद्दा प्रमुख है।
यह बैठक अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ की मास्को यात्रा के कुछ ही हफ़्तों बाद आयोजित की गयी। रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध तीसरे वर्ष में प्रवेश कर चुका है जिसको खत्म करने के लिए नए कूटनीतिक प्रयासों के बीच श्री ट्रम्प और श्री पुतिन की बीच यह वार्ता हो रही है।
बातचीत शुरू होने से पहले दोनों नेता और उनके वरिष्ठ अधिकारी ‘अलास्का 2025’ और ‘शांति की खोज’ लिखी पृष्ठभूमि के सामने बैठे।
रूसी अंतर्राष्ट्रीय समाचार एजेंसी आरआईए की रिपोट्र के अनुसार राष्ट्रपति पुतिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने इस बैठक को संभव बनाने वाली राजनीतिक इच्छाशक्ति की सराहना करते हुए कहा, “आजकल ऐसी पारस्परिक राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी है। उदाहरण के लिए, यह असंभव लगता है कि हमें यूरोपीय देशों से पर्याप्त प्रतिक्रिया मिलेगी।”
क्रेमलिन ने द्विपक्षीय व्यापार में ‘विशाल, अप्रयुक्त क्षमता’ का हवाला देते हुए कहा कि वार्ता का केन्द्र यूक्रेनी संकट के समाधान पर होगा, साथ ही व्यापक शांति और सुरक्षा के मुद्दों और तात्कालिक क्षेत्रीय एवं वैश्विक मामलों पर भी वार्ता होगी। आर्थिक सहयोग पर भी बातचीत हो रही है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि वह इस बैठक को वार्ता के संभावित दूसरे, अधिक निर्णायक दौर की ओर एक प्रारंभिक कदम के रूप में देखते हैं – जिसमें यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की भी शामिल हो सकते हैं।
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार श्री ट्रंप ने पहले कहा था, “आज यह वास्तव में बातचीत की मेज तैयार कर रहा है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो हम एक और बैठक करेंगे, जो बहुत जल्द होगी। या फिर हम कोई और बैठक नहीं करेंगे, शायद कभी नहीं।” उन्होंने कहा फिर भी यूक्रेन की क्षेत्रीय अखंडता को लेकर मतभेद स्पष्ट हैं। श्री ट्रंप ने स्वीकार किया है कि सीमाओं पर चर्चा होगी, लेकिन उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि यूक्रेन को अपनी शर्तें खुद तय करनी होंगी। उन्होंने कहा, “मुझे यूक्रेन को यह निर्णय लेने देना होगा। मैं यहाँ यूक्रेन के लिए बातचीत करने नहीं आया हूँ। मैं उन्हें बातचीत की मेज पर लाने आया हूँ।”
रूसी प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव, रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलौसोव, वित्त मंत्री एंटोन सिलुआनोव, क्रेमलिन के सहयोगी यूरी उशाकोव और रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष (आरडीआईएफ) के प्रमुख और विदेशी देशों के साथ आर्थिक सहयोग के लिए राष्ट्रपति के विशेष दूत किरिल दिमित्रिव शामिल हैं।
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्री मार्को रुबियो, वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट, वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट, सीआईए निदेशक जॉन रैटक्लिफ, चीफ ऑफ स्टाफ सूसी विल्स और व्हाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ डैन स्कैविनो शामिल हैं।
