नयी दिल्ली, 15 अगस्त (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को लाल किले की प्राचीर से स्वदेशी सोशल मीडिया, ऑपरेटिंग सिस्टम तथा सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के अन्य प्लेटफॉर्म विकसित करने के लिए देश के युवाओं का आह्वान किया।
स्वतंत्रता की 78वीं वर्षगाँठ पर राष्ट्र को संबोधित करते हुये श्री मोदी ने कहा, “आज आईटी का युग है, डेटा की ताकत है। क्या समय की मांग नहीं है कि ऑपरेटिंग सिस्टम से लेकर साइबर सुरक्षा तक, डीप टेक से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक, सारी चीजें हमारी अपनी हों, जिस पर हमारे ही लोगों का सामर्थ्य जुटा हुआ हो, उनकी सामर्थ्य शक्ति का विश्व को परिचय करायें।”
उन्होंने कहा कि इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता कि 21वीं सदी प्रौद्योगिकी आधारित सदी है। जिन-जिन देशों ने प्रौद्योगिकी में महारत हासिल की, वे विकास की ऊंचाइयों को पार कर गए, शिखर पर पहुँच गए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज दुनिया में सोशल मीडिया या बाकी सभी प्लेटफॉर्म पर भारतीय काम कर रहे हैं। दुनिया को भारत ने दिखा दिया है, यूपीआई का हमारा अपना प्लेटफॉर्म आज दुनिया को आश्चर्यचकित कर रहा है। रियल टाइम में लेनदेन के मामले में 50 प्रतिशत अकेले भारत यूपीआई के माध्यम से कर रहा है।
उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुये कहा, “इसका मतलब कि ताकत है। क्रिएटिव वर्ल्ड हो, सोशल मीडिया हो, ये जितने भी प्लेटफॉर्म हैं, मेरे देश के नौजवानों, मैं चुनौती देता हूं, हमारे अपने प्लेटफार्म क्यों ना हों? हम क्यों दूसरों पर निर्भर रहें? क्यों भारत का धन बाहर जाए? मुझे आपके सामर्थ्य पर भरोसा है।”
उन्होंने कहा कि जब हम आत्मनिर्भर होकर खुद अपनी चीजें बनायेंगे तो दुनिया हमारी सराहना करेगी। उन्होंने कहा, “आज जब वैश्विक परिस्थितियों में आर्थिक स्वार्थ दिनों-दिन बढ़ रहा है, तब समय की माँग है कि हिम्मत के साथ हम अपनी लकीर को लंबी करें। अगर यह रास्ता हमने चुन लिया, हर किसी ने चुन लिया, तो फिर कोई स्वार्थ हमें अपनी चंगुल में नहीं फँसा सकता है।”
अमेरिका द्वारा आयात शुल्क प्रतिबंधों के मद्देनजर श्री मोदी का यह आह्वान महत्वपूर्ण है। उल्लेखनीय है कि मौजूदा समय में देश में इस्तेमाल होने वाले ज्यादातर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, ऑपरेटिंग सिस्टम, सर्च इंजन आदि अमेरिकी कंपनियों के हैं। यह भी हालाँकि एक सच्चाई है कि उन प्लेटफॉर्मों को विकसित करने वाले और चलाने वाले विशेषज्ञों में बड़ी संख्या में भारतीय हैं और कई कंपनियों के शीर्ष पदों पर भी भारतीय या भारतीय मूल के लोग हैं।
