श्रीनगर, 14 अगस्त (वार्ता) हिमालयन किंगफिशर, पहले खेलो इंडिया जल क्रीड़ा महोत्सव का शुभंकर होगा। आज यहां लोगो और शुभंकर का अनावरण किया गया।ये खेल 21-23 अगस्त, 2025 तक शहर की प्रतिष्ठित डल झील में आयोजित किए जाएंगे।
यह जल क्रीड़ा महोत्सव, बढ़ते खेलो इंडिया कैलेंडर का हिस्सा है। खेलो इंडिया का पोर्टफोलियो लगातार बढ़ रहा है क्योंकि इस साल मई में दीव में पहली बार ‘खेलो इंडिया बीच गेम्स’ का आयोजन किया गया था। खेलो इंडिया जल क्रीड़ा महोत्सव की मेजबानी जम्मू-कश्मीर खेल परिषद द्वारा केंद्रीय युवा मामले मंत्रालय के सहयोग से की जाएगी।
जम्मू और कश्मीर के लिए, यह दूसरा खेलो इंडिया आयोजन होगा, इससे पहले मार्च में गुलमर्ग में ‘खेलो इंडिया शीतकालीन खेलों’ के हिमपात कार्यक्रमों की मेजबानी की गई थी। केआईडब्ल्यूएसएफ में पदक स्पर्धाओं के रूप में नौकायन, कैनोइंग और कयाकिंग शामिल होंगे। प्रदर्शन स्पर्धाओं में वाटर स्कीइंग, शिकारा रेस और ड्रैगन बोट रेस शामिल होंगी। 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 400 से अधिक एथलीटों के श्रीनगर में आने की उम्मीद है।
जम्मू और कश्मीर के युवा सेवा एवं खेल मंत्री सतीश शर्मा और ज़दीबल विधानसभा सदस्य तनवीर सादिक ने शुभंकर और लोगो जारी किया।
खेलों की आधिकारिक किट का भी अनावरण किया गया। खेलो इंडिया वाटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल 2025 का रंगीन शुभंकर, हिमालयन किंगफिशर, खेलों में रोमांच, प्रकृति और प्रतिस्पर्धा की भावना का प्रतीक है। अपने गहरे नारंगी और नीले रंग के साथ, यह कश्मीर की ऊर्जा, शांति और सुंदरता का प्रतिनिधित्व करता है। एक प्रतीक से कहीं अधिक, यह इस उत्सव का राजदूत है, जो देश भर में पर्यावरण के अनुकूल खेलों, पर्यटन और युवा जुड़ाव को बढ़ावा देता है।
खेलो इंडिया वाटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल का लोगो कश्मीर के सार को दर्शाता है, जिसमें बर्फ से ढके पहाड़ों और देवदार के पेड़ों से घिरी डल झील पर तैरता एक शिकारा दिखाया गया है। इसके शांत प्रतिबिंब कश्मीर की सुंदरता को दर्शाते हैं, जबकि खेलो इंडिया के रंग परंपरा, प्रकृति और खेल की ऊर्जा को एक साथ लाते हैं।
सादिक ने कहा, ”गुलमर्ग पहले ही देश की शीतकालीन खेलों की राजधानी बन चुका है, और अब डल झील देश का वाटर स्पोर्ट्स केंद्र बन जाएगी। यह जम्मू और कश्मीर के लोगों के लिए गर्व का क्षण है।

